धनघटा। धनघटा तहसील क्षेत्र के तीन गांव के गायब हुए अभिलेखों को नए सिरे से बनाए जाने की उम्मीद जग गई है। राजस्व परिषद ने इस मामले को गंभीरता से संज्ञान में लिया है। तहसील प्रशासन से दो दिन के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। रविवार को अवकाश के बावजूद गायब हुए अभिलेखों को तहसील के मालखाने में खंगाला गया।
तहसील सृजन के बाद से ही क्षेत्र के चपरा पूर्वी, छपरा मगर्वी और आगापुर गुलरिहा गांव का अभिलेख नहीं मिल रहा है, जिससे इन गांवों के किसानों को किसान सम्मान निधि समेत अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। अभिलेख के लिए गांव के लोग कई बार संपूर्ण समाधान दिवस समेत अधिकारियों को प्रार्थनापत्र दिया, लेकिन मामला ज्यों का त्यों पड़ा रहा। इन समस्याओं को लेकर किसान नगर पंचायत हैंसर बाजार धनघटा के नगर पंचायत अध्यक्ष रिंकू मणि के प्रतिनिधि एवं भाजपा नेता नीलमणि से मिले। नीलमणि पांच सितंबर को राजस्व परिषद के अध्यक्ष से मुलाकात किए और उन्हें पत्र देकर किसानों की समस्याओं से अवगत कराए। मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व परिषद के अध्यक्ष ने तहसील प्रशासन से रिपोर्ट तलब किया तो तहसील में खलबली मच गई।
रविवार को अवकाश के बावजूद तहसील के मालखाना में तीनों गांव के अभिलेखों को पूरे दिन ढूंढा गया। एसडीम उत्कर्ष श्रीवास्तव ने बताया कि छपरा मगर्वी, चपरा पूर्वी और आगापुर गुलरिहा का अभिलेख जीण शीर्ण हालत में मिला है, जो अपठनीय है। रिपोर्ट उच्च अधिकारियों के माध्यम से राजस्व परिषद को भेजी जा रही है। अभिलेख मिलने की उम्मीद जगने पर संबंधित गांव के प्रधान देवेंद्र यादव, हरिराम और राम सुरेश ने राजस्व परिषद के अधिकारियों एवं भाजपा नेता नीलमणि की प्रशंसा करते हुए कहा कि अभिलेख मिलने से किसानों का बहुत ही बड़ा फायदा होगा।