संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने किया प्रदर्शन
- आवाज दबाने के लिए लगाया गया एस्मा- सीमा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा पर कार्यरत कर्मचारियों ने रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद में एकत्र होकर आवाज बुलंद की। उनका कहना है कि सरकार संविदा कर्मियों की आवाज को दबाने के लिए एस्मा लगाया है, लेकिन लोकतांत्रिक ढंग से मांगों को लेकर संघर्ष करते रहेंगे।
एएनएम संविदा संघ के बैनर तले संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी खलीलाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और बैठक के बाद प्रदर्शन किया। इस दौरान सीमा शर्मा, संध्या श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार ने संविदा कर्मियों की आवाज को दबाने के लिए एस्मा लगाया, जो उचित नहीं। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मचारियों ने कहा कि कार्यरत संविदा एएनएम को अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पीईटी से मुक्त रखा जाए और संविदा पर काम करने वाली एएनएम को नियमित पदों पर समायोजित किया जाए। जिन संविदा एएनएम की उम्र 45 वर्ष से ऊपर है, उनको नियमित पदों पर चयन प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही मांग की गई कि नियमित पदों पर समायोजन होने तक संविदा एएनएम को न्यूनतम मानदेय 25 हजार मासिक दिए जाएं। कोविड 19 की महामारी में मृतक संविदा एएनएम व अन्य कर्मियों के परिजनों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। सभी एएनएम को 50 लाख रुपये के बीमा से आच्छादित किया जाए। कोविड 19 के लिए प्रोत्साहन राशि का 25 प्रतिशत संविदा कर्मियों को प्रदान किया जाए। ऐसा न होने पर संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान लक्ष्मी, रीता अजीता कुमारी, अनीता, रिंकू, शालिनी, प्रतिभा पांडेय, पूनम यादव, संजू गुप्ता, कविता वर्मा, वंदना चौरसिया, पूर्णिमा भारती, संगीता, अनुपम श्रीवास्तव, यमनोत्री, नंदनी, रागिनी मिश्रा, अश्वनी कुमार, हरिकेश, दुर्गा प्रसाद आदि मौजूद रहे।