यूजीसी के विरोध में मेंहदावल में प्रदर्शन करते युवा। संवाद
मेंहदावल। सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों ने बुधवार को तहसील क्षेत्र में प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने इन नियमों को काला कानून बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए एसडीएम संजीव कुमार राय को एक ज्ञापन भी सौंपा।
सुबह बढ़ी संख्या में युवा रोडवेज परिसर में एकत्रित हुए। युवा सीएचसी तिराहे होते हुए हाथों में तख्तियां लेकर तहसील तक पैदल मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने ''''केंद्र सरकार मुर्दाबाद'''' और ''''यूजीसी कानून वापस लो'''' जैसे नारे लगाए। समाज के लोग तहसील कार्यालय पहुंचे और राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम संजीव राय को सौंपा।
समाज के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि यूजीसी के नियमों को वापस नहीं लिया गया, तो वे भविष्य में स्वर्ण समाज के युवक और बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। सूरज त्रिपाठी ने कहा कि सरकार सवर्ण समाज के साथ लगातार भेदभावपूर्ण रवैया अपना रही है। युवा नेता अनुराग त्रिपाठी ने यूजीसी कानून को दोषी को सजा देने के बजाय जातिगत आधार पर बनाया गया काला कानून बताया और इसे वापस लेने की मांग की। संगम पांडेय ने सरकार के ''''सबका साथ सबका विकास'''' के नारे और यूजीसी के माध्यम से जाति विशेष के लोगों को अपराधी दर्शाने की कोशिश पर सवाल उठाया। इस अवसर पर विवेक कुमार पांडेय, राजेश त्रिपाठी, परिवेश मिश्र, शिवाजी श्रीवास्तव, दिवाकर सिंह श्रीनेत, अमरेश सिंह, रामप्रवेश सिंह समेत कई मौजूद रहे।