नगर विकास विभाग ने मांगा प्रस्ताव, सुधरेगी सेहत
वंदन योजना के तहत कराए जाएंगे विकास के कार्य
तारेश सिंह
मेंहदावल। नगर निकायों में स्थित सांस्कृतिक, पौराणिक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के स्थलों के कायाकल्प की संभावना बढ़ गई है। इसको लेकर नगर विकास विभाग के निदेशक ने नगर निकायों से प्रस्ताव व आगणन रिपोर्ट मांगी है। परियोजना की मंजूरी के बाद संबंधित पौराणिक स्थलों का कायाकल्प हो सकेगा। इससे नगर में स्थित तमाम पौराणिक स्थल जो बदहाल स्थिति में हैं, उनके दिन बहुरने की उम्मीद जगी है।
नगर विकास विभाग के निदेशक की ओर से भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सात सदस्यीय कमेटी उन स्थानों का चयन करेगी, जहां पर विकास कार्य कराए जाएंगे। एक सप्ताह में प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने को निर्देश दिए गए हैं। जिन स्थलों का चयन कमेटी करेगी, उनके कायाकल्प की योजना आगामी कुछ माह में धरातल पर उतर सकेगी। शासन के निर्देश के बाद निकायों में पौराणिक स्थलों के कायाकल्प के लिए मंथन तेज हो गया है।
कराए जा सकेंगे ये कार्य
वंदन योजना के तहत पौराणिक स्थलों के कायाकल्प के क्रम में पार्क, यात्री निवास, सड़क, इंटरलॉकिंग, पथ प्रकाश, बैठने के लिए बेंच, शहीद स्थल व स्मृति पार्क का सुंदरीकरण, घाटों का कायाकल्प, पर्यटन स्थलों का विकास सहित कुछ अन्य कार्य शामिल होंगे। सुंदरीकरण के इन कार्यों से नगर वासियों को पर्यटन स्थल के रूप में इसका लाभ मिल सकेगा। इसके साथ ही दूर-दराज के लोग भी संबंधित पौराणिक स्थल पर पर्यटन के लिए आ सकेंगे।
मेंहदावल, बखिरा, धर्मसिंहवा बेलहरकला सहित अन्य नगर निकायों में तमाम पौराणिक स्थल बदहाल स्थिति में हैं। अगर ये कार्य होते हैं तो उनकी दशा बदल जाएगी।
कोट
नगर विकास विभाग से निर्देश मिले हैं। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी स्थलों का चयन करेगी। जिन स्थलों का चयन होगा, उसकी आगणन रिपोर्ट व प्रस्ताव भेजा जाएगा। मंजूरी के बाद कायाकल्प के कार्य हो सकेंगे। इस योजना के तहत मेंहदावल व बखिरा नगर पंचायत के पौराणिक स्थलों के विकास के लिए प्रस्ताव भेजे गए हैं।
- संदीप कुमार सरोज, अधिशासी अधिकारी, मेंहदावल