संतकबीरनगर। जिले की पुलिस ने बिजली निगम में 1.62 करोड़ के हुए घपले में प्रकाश में आए निगरानी कंपनी के प्रोजेक्ट इंजीनियर अवधेश श्रीवास्तव को बुधवार को गिरफ्तार किया है। इस मामले में जनपद में तैनात बिजली विभाग के तत्कालीन अवर अभियंता विपिन सिंह के खिलाफ अधीक्षण अभियंता ने वर्ष 2023 में 1.62 करोड़ की सामग्री के दुरुपयोग का केस दर्ज कराया था।
संतकबीरनगर के अधीक्षण अभियंता एसके आर्या ने 8 मई 2023 को संतकबीरनगर के तात्कालिक अवंर अभियंता विपिन कुमार सिंह के उपर द्वारा 1,62,25,173 रुपये की सामग्रियों के दुरुपयोग करने के संबंध में थाना कोतवाली खलीलाबाद में केस दर्ज कराया था। इसमें कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने इस पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी करने वाली कम्पनी वैपकास के प्रोजेक्ट इंजीनियर गाजीपुर जनपद के बसेसर थानांतर्गत औरईया भवदास निवासी अवधेश कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया है।
इस मामले में आरोप यह है कि वर्ष 2012-13 में आरएपीडीआरपी पार्ट बी योजना के अंतर्गत खलीलाबाद नगर में विद्युतीकरण कार्य कराए जाने की स्वीकृति मिली थी। इसकी जिम्मेदारी कोलकाता की मेसर्स बीकोलारी प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी को दी गई थी। कार्यदाई संस्था आधा अधूरा काम छोड़कर चली गई। जबकि बीकोलॉरी लिमिटेड को 3,11,11,283 रुपये का भुगतान किया गया था। इसके बाद मुख्यालय ने इस कार्य को कराने की जिम्मेदारी प्रभा इलेक्टि्रकल वाराणसी को दी। वहीं बीकोलॉरी को काली सूची में डाल दिया गया। तीन सदस्यीय टीम को जांच सौंपी गई, जिसमें पाया गया कि जो भुगतान कंपनी को दिया गया उसमें से 1,62,25,173 रुपये सामग्री आपूर्ति के थे।
इन सामग्रियों को तत्कालीन अवर अभियंता विपिन कुमार के द्वारा प्राप्त किया गया था। विपिन कुमार सिंह जो सहायक अभियंता के तौर पर गोरखपुर में कार्यरत हैं उनको नोटिस जारी करके इससे संबंधित अभिलेख मांगे गए, इससे संबंधित कोई भी अभिलेख उनके द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया। तभी से मामले की जांच चल रही थी। मामले में यह पहली गिरफ्तारी है। इसमें और भी नाम सामने आएंगे।