फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जयंती पर याद किए गए कवि रंगपाल

विज्ञापन
फाग गीत प्रस्तुत करते कलाकार। - फोटो : KHALILABAD
विज्ञापन
जयंती पर याद किए गए कवि रंगपाल
विज्ञापन

डीपीआरओ बोले- हरिहरपुर पूर्वांचल का सांस्कृतिक केंद्र बिंदु
संवाद न्यूज एजेंसी
हरिहरपुर। नगर पंचायत हरिहरपुर में कवि रंगपाल की जयंती मनाई गई। मुख्य अतिथि डीपीआरओ उमाशंकर मिश्र ने कहा कि हरिहरपुर पूर्वांचल का सांस्कृतिक केंद्र बिंदु है। यहां के कवि रंगपाल भारतेंदु युग के महाकवि के रूप में विख्यात हैं।
उन्होंने कहा कि केशव कवि की तरह ही रंगपाल की रचानओं में श्रृंगार और वीर रस दोनों का समावेश है। आज लोगों को चाहिए कि अपनी सांस्कृतिक पहचान बनाने के लिए कवियों की रचनाओं का प्रचार प्रसार करें। विशिष्ट अतिथि सुनील सिंह ने कहा कि रंगपाल की माटी ने भले ही कवि को विस्मृत कर दिया हो, लेकिन उनकी रचनाएं आज भी विदेशों में अमर है। सेवानिवृत्त शिक्षक राम भरोस पांडेय ने कहा कि कवि रंगपाल स्कूल नहीं गए फिर भी उनकी रचनाओं में उत्कृष्ट साहित्य झलकता है। हियुवा नेता सुभाष त्रिपाठी ने कवि रंगपाल को नगर की पहचान बताया। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रवीण चंद पांडेय ने कहा कि कवि रंगपाल की रचनाओं में उत्कृष्ट लेखन शैली दिखती है। खलीलाबाद के चेयरमैन श्यामसुंदर वर्मा ने कवि को ब्रजभाषा का समर्थ कवि बताया। पाल सेवा संस्थान के अध्यक्ष बृजेश पाल ने कार्यक्रम में आए अतिथियों को धन्यवाद दिया। कार्यक्रम का संचालन माटी फाउंडेशन के अध्यक्ष राजेश पाल ने किया। इस दौरान सेवानिवृत्त शिक्षक भगवान दास, ऋषि त्रिपाठी, मुकेश सिंह, डॉक्टर भूअर यादव, एडवोकेट देवेश पाल, निरंकार मणि, अनिमेश पांडेय, विरेंद्र सिंह, विजय कुमार शुक्ल बागी, चंद्रमणि त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

गायकों ने दी प्रस्तुति
नगर पंचायत हरिहरपुर के रंगपाल चौराहे पर आयोजित कवि रंगपाल की जयंती कार्यक्रम में जिले भर से आए गायक कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति देकर माहौल में फाग का रंग घोल दिया। नगाड़े, हारमोनियम और ढोलक की थाप पर जब गायकों ने गीतों की प्रस्तुति दी तो लोग तालियां बजाते नजर आएं। आकाशवाणी के गायक करम नबी उर्फ बच्चा भईया की प्रस्तुति कन्हैया घर चलें गोइयां आज खेले होरी ने खूब रंग जमाया। अजय श्रीवास्तव ने जरा दे जाते दिलवर दीदार हुए ऐसे क्यों बेवफा की प्रस्तुति ने लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। हमीद शास्त्री, अब्दुल कलाम ने भी गीत प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें