संतकबीरनगर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर मंगलवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान कर्मियों ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाया। मांग किया कि निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त किया जाए।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी मनीष मिश्रा ने कहा है कि स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के अनुसार निजीकरण के बाद भी सरकार निजी घरानों को आर्थिक सहयोग देती रहेगी। ऐसे में निजीकरण का कोई औचित्य ही नहीं है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को हस्तक्षेप कर निजीकरण की प्रक्रिया को निरस्त करना चाहिए।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने कहा कि निजीकरण औद्योगिक घरानों को लाभ पहुंचाने की साजिश है। उन्होंने कहा कि निजीकरण होने से बिजली महंगी हो जाएगी, इसका असर उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। संवाद