संतकबीरनगर। मरीज अवैध और वैध अस्पतालों की आसानी से पहचान कर सकें, इसके लिए बोर्ड पर पंजीकरण नंबर लिखना अनिवार्य कर दिया गया है। स्वास्थ विभाग की तरफ से निजी नर्सिंग होम और अस्पताल संचालकों को बोर्ड पर ही पंजीकरण नंबर व डॉक्टर का नाम लिखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाकर कार्रवाई करने की तैयारी में है।
जिले के गली-मोहल्लों व चौक-चौराहों पर निजी क्लीनिक, अस्पताल या नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं। आम लोगों को यह पता नहीं चल पाता है कि इस अस्पताल का पंजीकरण है या नहीं, यहां कौन चिकित्सक बैठता है। आए दिन मरीज की मौत के मामले सामने आ रहे हैं। मालूम हो कि बीते दिनों सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने अभियान चलाकर इन पर कार्रवाई शुरू की थी।
सीएमओ डॉ. रामानुज कन्नौजिया ने बताया कि नर्सिंग होम व क्लीनिक संचालकों को बोर्ड पर पंजीकरण नंबर और जिसके नाम से पंजीकरण हैं उनके नाम लिखने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण के दौरान ऐसा नहीं मिला तो कार्रवाई की जाएगी। शासन के निर्देश का पालन कराया जाएगा।