अफसरों की लापरवाह से अधूरे पड़े हैं प्रधानमंत्री आवास
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संतकबीरनगर। जिले में इस वित्त वर्ष 17043 प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण मार्च तक पूरा कराया जाना है, लेकिन अब भी 3286 आवास अपूर्ण हैं। ब्लॉक स्तरीय अफसर न तो नियमित मॉनीटरिंग कर रहे हैं और न ही समय से धन उपलब्ध कराने में रुचि ले रहे हैं। दैनिक लक्ष्य के अनुरूप भी कहीं कार्य नहीं हो रहा है। आधार कार्ड नंबर को ठीक कराने का कार्य भी खराब है। दूसरी किस्त भेजने के मामले में जिले की प्रगति प्रदेश में दूसरे सबसे खराब स्थान पर है। सीडीओ ने इस पर सख्त नाराजगी जताते हुए सभी खंड विकास अधिकारियों को चेतावनी जारी की है। इस वर्ष जिले में 2122 आवास बनाने का लक्ष्य था। परंतु सरकार ने वित्तीय वर्ष 2016-17 और 2017-18 में आवंटित लक्ष्य का भी संशोधन किया और अब इस वर्ष जिले में कुल 17043 आवासों का निर्माण कराया जाना है। इस योजना में भ्रष्टाचार रोकने के लिए धन सीधे लाभार्थी के खाते में ऑनलाइन भेजने की व्यवस्था है। लाभार्थी को प्रथम किस्त आवंटित होने के बाद नींव तक कार्य पूरा कराने पर दूसरी किस्त और दीवार पूरा कराने पर तीसरी किस्त मिलनी है। यह किस्त तभी जाती है जब निर्माण कार्य की फोटो संबंधित वेबसाइट पर अपलोड होती है।
ब्लॉक स्तरीय अफसरों की मनमानी के चलते इस कार्य में तेजी नहीं आ पा रही है। सीडीओ ने बुधवार को इसकी समीक्षा के बाद बताया कि जिले में अभी भी लक्ष्य के सापेक्ष 3286 आवासों का निर्माण अपूर्ण है। विकास भवन के आंकड़ों पर गौर करें तो 17043 आवासों के लक्ष्य के सापेक्ष 65 आवासों का खाता सत्यापन होना बाकी है। 87 आवासों का प्रथम किस्त, 1333 आवासों का द्वितीय किस्त और 3042 आवासों का तृतीय किस्त बाकी है। 422 लाभार्थियों के आधार नंबर की फीडिंग बाकी है। इसके अलावा रिजेक्ट हुए 5121 आधार नंबरों का करेक्शन भी शेष है।