बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चैयरमैन अनिल प्रताप सिंह ने जनपद बार एसोसिएशन की आमसभा में कार्यकारिणी भंग करने के मामले पर रोक लगा दी है। यह जांच होने तक प्रभावी रहेगी। इसके साथ ही जनपद बार के अध्यक्ष राकेश सिंह को अग्रिम आदेश तक पूर्ववत बने रहने का भी आदेश दिया है।
दरअसल, नए दीवानी कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं के बैठने की उचित व्यवस्था न होने के मामले में अध्यक्ष के मौन रहने से नाराज जनपद बार एसोसिएशन संतकबीरनगर के महामंत्री समेत 15 पदाधिकारियों ने तीन मई को इस्तीफा दे दिया था। इस संबंध में जनपद बार एसोसिएशन की आमसभा हुई। इसमें जनपद बार की कार्यकारिणी को भंग कर अधिवक्ता जय प्रकाश राय को प्रशासक नियुक्त कर दिया गया था।
इस निर्णय के खिलाफ जनपद बार के अध्यक्ष राकेश सिंह ने बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश में प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें गलत तरीके से कार्यकारिणी भंग करने और प्रशासन नियुक्त करने पर सवाल उठाए गए थे। इस पर बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के चैयरमैन ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के सदस्य व पूर्व उपाध्यक्ष हरिशंकर सिंह को नियुक्त कर 28 मई तक आख्या प्रस्तुत करने को कहा है। वहीं पक्षकारों को भी 28 मई को समस्त प्रपत्रों के साथ बार काउंसिल ऑफ यूपी के कार्यालय में अपराह्न एक बजे उपस्थित होने आदेश दिया है।