मेंहदावल। निकाय चुनाव के घमासान के बीच शहर में शामिल हुए क्षेत्रों के लोगों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। गांव की गलियों में भी अब शहर की तर्ज पर सुविधाएं मिलेंगी, यह आस लगी है। वर्षों से ग्राम प्रधान चुने जाने वाली 16 ग्राम पंचायतों के मतदाता पहली बार चैयरमैन व सदस्य चुने जाएंगे।
नगर पंचायत में शामिल 16 ग्राम पंचायतों के 43 राजस्व गांव में वोटर चेयरमैन के साथ सभासद का पहली बाद चुनाव करेंगे। ये लोग नगर पंचायत के 20 वार्डों में 153 सभासद व 12 अध्यक्ष प्रत्याशी लिए मतदाता मतदान करेंगे। नगर पंचायत में सम्मिलित ग्राम पंचायत के नगर पंचायत से जुड़ने के बाद मतदाता चुनाव को लेकर काफी उत्सुक नगर आ रहे हैं। मेंहदावल नगर पंचायत का विस्तार होने के कारण 16 ग्राम पंचायत को नगर पंचायत में मिला दिया गया है। इसमें 15 वार्ड में पांच वार्ड बढ़कर कुल 20 वार्ड हो गए हैं। अब इन 43 राजस्व ग्राम सभा के वोटर पहली बार प्रधान न चुनकर चेयरमैन का चुनाव करेंगे। इस पर सभी दलों के नेताओं की भी नजर है। शहर जैसी सुविधा की आस लगाए मतदाताओं ने कहा कि अब तक के प्रधानों को कई वर्षों से देखा है।
कई बार इस इलाके की सबसे बड़ी समस्या जलनिकासी का मुद्दा प्रधानों के सामने रखा गया है। उसका निस्तारण नहीं हो पाया। अब आशा है कि शायद नगर पंचायत में शामिल होने के बाद समस्या दूर हो जाएगी। ग्रामीण राजेश्वर, विपिन, उदित, रत्नेश, शिवम का कहना है कि पहले ग्राम पंचायत में रहते थे। ऐसे में वहां के विकास ग्रामीण स्तर पर ही होता था, लेकिन अब नगरी विकास होने की उम्मीद है। यहां के सबसे बड़ी समस्या मोहल्ले में फैली गंदगी है। सफाई कर्मी आते ही नहीं है, जिससे सड़कों पर कूड़ा पड़ा रहता है। गांव के लोगों ने कहा कि अब नगर पंचायत में शामिल हो जाने से जलभराव और गंदगी से निजात मिलने की उम्मीद जगी है। स्ट्रीट लाइट तो लग गई है। अब इंटरलाकिंग, जलनिकासी, जलापूर्ति की आस लगी हुई है।