संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। बरसात का मौसम है और उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं। इस बीच शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ा गई है।
हद तो यह है कि मगहर कताई मिल फीडर से जुड़े करीब दो सौ गांवों में फाल्ट के चलते 24 घंटे से बिजली आपूर्ति बाधित रही। इस दौरान पंखा-कूलर बेकार हो गए और उपभोक्ताओं को उमस भरी गर्मी में कई प्रकार परेशानियां झेलनी पड़ीं।
शासन का निर्देश है कि कहीं पर भी लोकल फाल्ट होने पर इसे तत्काल ठीक कराया जाए लेकिन जिले में इसका पालन होता नहीं दिख रहा है। एक तरफ जहां बिजली कटौती से उपभोक्ता उमस भरी गर्मी से जूझ रहे हैं वहीं गड़बड़ी दूर करने में विद्युतकर्मी उदासीनता बरत रहे हैं। खलीलाबाद कस्बे की बात करें तो बार-बार ट्रिपिंग की समस्या उत्पन्न हो रही है, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं।
यह स्थिति तब है जब जर्जर तार व पोल बदलने का कार्य किया गया है। दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों का और बुरा हाल है। सोमवार को हरतालिका तीज का महिलाएं व्रत धारण किए रहीं लेकिन मगहर कताई मिल फीडर से जुड़े करीब 200 गांवों में बिजली गुल रही। इसमें गड़सरपार, लक्ष्मीपुर निचौरा, सेमरी, धवरिया, नहसापार, केरमुआ माफी, चकदही, धरैची, दुबौली आदि गांव प्रभावित रहे।
लोगों को उम्मीद थी कि रात्रि के बिजली आ सकती है लेकिन पूरी रात लोगों का अंधेरे में उमस भरी गर्मी के बीच रहने को मजबूर होना पड़ा। इस दौरान शिकायत की गई लेकिन पूरी रात किसी ने सुध नहीं ली। सुबह पानी का संकट खड़ा हुआ और लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई।
मंगलवार को करीब तीन बजे गड़बड़ी दूर हुई और बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। क्षेत्र के निवासी रामपाल, श्रवण कुमार आदि ने बताया कि आए दिन इसे फीडर में गड़बड़ी आ जाती है, जिससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।