संतकबीरनगर। मौसम में गरमाहट के बीच शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली कटौती बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्र में जहां आठ से 10 घंटे बिजली कटौती हो रही है, वहीं शहर में ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सुबह के समय जब पानी की ज्यादा जरूरत रहती है, उस समय बिजली गुल होने से पानी का भी संकट खड़ा होने लगा है। साथ ही लोकल फाॅल्ट की समस्या बनी हुई है। मौसम में बदलाव हो रहा है और गर्मी का अहसास होने लगा है। इससे बिजली कटौती की समस्या बढ़ गई है। सबसे ज्यादा दिक्कत ग्रामीण क्षेत्रों में है।
स्थिति यह है कि प्रतिदिन आठ से दस घंटे बिजली कटौती ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है। सुबह पांच बजे बिजली गुल हो रही है और 10 बजे तक आती है। इस दौरान लोगों को ऑफिस जाने और बच्चों के लिए टिफिन तैयार कर स्कूल भेजने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ देर के लिए बिजली आपूर्ति होती है फिर बिजली गुल हो जा रही है। दिनभर यही सिलसिला चल रहा है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण क्षेत्र के धवरिया, नहसापार, लक्ष्मीपुर निचौरा, केरमुआ माफी, चकदही, धरैची आदि ऐसे क्षेत्र है जहां पर उपभोक्ता खासे परेशान है।
उपभोक्ता मनोज कुमार, यशवंत चौरसिया, हरेंद्र यादव आदि ने कहा कि बिजली कटौती के साथ ही लोकल फाल्ट की समस्या से जूझना पड़ रहा है। जहां पानी का संकट खड़ा हो रहा है वहीं बिजली से चलने वाले उपकरण बेकार साबित हो रहे हैं। दूसरी तरफ शहरी क्षेत्र की बात करें तो ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है। बार-बार बिजली कट रही है। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
शहर के गोलाबाजार निवासी संजय गुप्ता, मेंहदावल बाईपास निवासी प्रेमचंद्र आदि ने बताया कि बार- बार बिजली कटने से समस्या आ रही है। इस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।
000000000000000000000
बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली के तार व पोल बदलने का कार्य चल रहा है, जिसके कारण थोड़ी समस्या है। शहर के मैलानी में विद्युत उपकेंद्र का निर्माण अंतिम चरण में है। इसके चालू होने के बाद काफी सुधार हो जाएगा।
-राजेश कुमार, अधिशाषी अभियंता, विद्युत वितरण