- बखिरा झील और आमी नदी में गिराया जा रहा गंदा पानी
- बखिरा, बरईपार और बंडा नाला पर बनाया जाएगा चैंबर
- पानी को फिल्टर कर झील में गिराया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। बखिरा झील व आमी नदी में प्रदूषित पानी गिराया जा रहा है। इसकाे रोकने के लिए प्रशासन ने पहल की है। इसके तहत बखिरा क्षेत्र में तीन नालों के गंदा पानी झील में गिरने से रोकने के लिए टैपिंग का कार्य होगा। साथ ही खलीलाबाद और मगहर के लिए भी कार्ययोजना तैयार हो रही है। इससे आमी नदी और बखिरा झील में प्रदूषित जल नहीं गिरेगा। जिससे पर्यटकों का रूझान इस तरफ बढ़ेगा।
बखिरा झील में वर्तमान में नगर पंचायत सहित विभिन्न नालों का गंदा पानी सीधे जा रहा है। इससे झील का पानी प्रदूषित हो रहा है, जिससे जलीय जीवों और पशुओं पर असर पड़ रहा । इससे आसपास के किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसे देखते हुए प्रशासन ने बखिरा झील में गिरने वाले तीन नालों के टैपिंग की कार्ययोजना तैयार की है। इसमें बखिरा नाला, बरईपार नाला और बंडा नाला शामिल हैं। नालों पर चैंबर बनाया जाएगा और पानी को फिल्टर कर झील में गिराया जाएगा।
इसके अलावा खलीलाबाद नगर पालिका और मगहर नगर पंचायत से निकलने वाले नालों का पानी आमी नदी में जाता है। इससे आमी प्रदूषित हो रही है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। वैसे भी आमी नदी के किनारे संतकबीर परिनिर्वाण स्थली पर बड़ी संख्या में पर्यटक और संत कबीर के अनुवायी आते हैं। प्रदूषित जल गिरने से यह पानी स्नान के लिए ठीक नहीं है। ऐसे में अब नालों के पानी को सीधे गिरने से रोकने के लिए भी तैयारी की जा रही है।
इसके तहत सीवेज ट्रीटमेन्ट संयंत्र स्थापना किए जाएंगे। पिछले दिनों डीएम ने नगर पालिका व पंचायत के अधिकारियों के साथ बैठक कर नालों का गंदा पानी सीधे जलाशयों व नदियों में गिरने से रोकने के लिए कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए थे, जिस पर अमल करते हुए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
नदियों और जलाशयों में नालों का गंदा पानी सीधे न गिरे इसके लिए कदम उठाए जा रहे हैं। बखिरा क्षेत्र के तीन नालों पर टैपिंग के कार्य कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आमी नदी के पानी को स्वच्छ रखने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे।
- महेंद्र सिंह तंवर,
डीएम