अब बुजुर्गों को सुरक्षा व सहारा देगी पुलिस
संतकबीरनगर। सूबे की सरकार ने निराश्रित बुजुर्गों की खोज खबर लेने की पहल की है। ऐसे बुजुर्गों की तलाश के लिए हर थाने में सूची तैयार कराई जाएगी। ताकि इनकी सुरक्षा का ख्याल भी रखा जा सके। लेखपाल और ग्राम विकास अधिकारियों के कंधों पर इनकी समस्याएं सुलझाने की जिम्मेदारी होगी। योगी सरकार ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक हेल्पलाइन जारी करेगी। ताकि इनके समस्याओं का निराकरण किया जा सके। इसके लिए निदेशक समाज कल्याण बाल कृष्ण त्रिपाठी की ओर से प्रदेश के डीएम और एसपी को पत्र लिखा गया है।
दरअसल, प्रदेश में वरिष्ठ नागरिकों के लिए यूपी में वरिष्ठ नागरिक नीति को लागू किया गया है। इसके अनुसार ऐसे नागरिकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस को दी गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार ने बताया कि हर थाने को वरिष्ठ नागरिकों की सूची और उनके टेलीफोन नंबर उलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। बीट कांस्टेबल व्यक्तिगत रूप से ऐसे नागरिकों से मिलेंगे और रात्रि गश्त के दौरान उनकी जानमाल की सुरक्षा का ध्यान रखेंगे। बड़े नगरों, कस्बों, एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा संगठनों के माध्यम से मोहल्ला, एवं कॉलोनीवार वरिष्ठ नागरिकों का विवरण रखने, समय-समय पर उनके साथ मीटिंग करने एवं आवश्यक सहायता प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही वृद्घ स्वयं सहायता समूह के माध्यम से अल्प बचत करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। रिवर्स मार्टगेज जैसी योजनाएं विकसित की जाएगी। ताकि उन्हें आर्थिक संकटों से बचाया जा सके।
समितियों का गठन करने पर जोर
हर क्षेत्र में वरिष्ठ नागरिक समितियों का गठन कर जिला, मंडल एवं प्रदेश स्तर पर इनकी समस्याओं का समितियों के माध्यम से निपटाने की व्यवस्था बनाई जाएगी। स्कूल कॉलेजों में प्रति वर्ष एक अक्टूबर को दादा-दादी एवं नाना- नानी दिवस मनाया जाएगा।
मनोरंजन के साधन कराएं जाएंगे उपलब्ध
वृद्घजनों के मनोरंजन के लिए बहुउ्देश्यीय नागरिक सेवा केंद्र, डे केयर सेंटर, बहुउद्देश्यीय मनोरंजन केंद्र एवं अल्पकालिक निवास केंद्रों की व्यवस्था स्थानीय निकायों के जरिए करने की योजना बनाई ता रही है। साथ ही योग व शारीरिक व्यायाम की व्यवस्था, इंडोर, आउटडोर खेलों की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। डीएम रवीश गुप्त ने बताया कि शासन के निर्देश के क्रम में जरूरी कदम उठाए जाएंगे। एसपी ब्रजेश सिंह ने बताया कि बीट कांस्टेबल की मदद से निराश्रित वृद्घजनों का विवरण तैयार कराया जाएगा। पुलिस अपने दायित्व का निर्वहन ठीक से करेंगी। इसके लिए मातहतों को जरूरी निर्देश दिए जाएंगे।