- सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर ठगी का मामला, दो आरोपियों की तलाश तेज
- पांच आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है पुलिस
- अन्य के संलिप्तता की हो रही जांच, एक आरोपी को पकड़ने इटावा जाएगी पुलिस
- जांच में 37 बैंक खातों से करीब 5 करोड़ रुपये का लेनदेन करना पाया गया था
संतकबीरनगर। सरकारी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी के मामले में दो आरोपियों की पुलिस ने तलाश तेज कर दी है। समन्वय पोर्टल के माध्यम से मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जब जांच की तो कुल सात नाम सामने आए। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भिजवा दिया। वहीं, दो आरोपी पुलिस की पकड़ से अभी दूर हैं। एक आरोपी कमांडर को पुलिस इटावा जाकर पकड़ेगी। इसके लिए पुलिस टीम भी बनाई गई है। वहीं, पुलिस अन्य आरोपियों की संलिप्तता की जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अभी कई और नाम इस मामले में सामने आ सकते हैं।
बता दें कि, गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल के माध्यम से थाना धनघटा पुलिस को संदिग्ध बैंक खातों के बारे में सूचना मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने जब जांच शुरू की तो कुल 37 बैंक खातों के माध्यम से लगभग पांच करोड़ रुपये का लेनदेन करना पाया गया। मामला प्रकाश में पर इन खातों में लगभग 6 लाख रुपये पुलिस ने होल्ड करा दिया।
बैंक खातों का उपयोग अन्य राज्यों से ठगी की धनराशि मंगाने के लिए प्रयोग किया जाता था। गिरफ्तार आरोपी इटावा के अपने साथी मास्टरमाइंड कमांडर को समस्त डाटा उपलब्ध कराते थे, इसके बदले उन्हें कमीशन भी मिलता था। लालच में आरोपी अपने जान पहचान के लोगों का बैंक में खाता खुलवाकर उनके कागजात ले लेते थे और बाद में उन्हीं खातों से लेनदेन किया जाता था।
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15 से 20 हजार रुपये में बेच देते थे बैंक खाता
जांच टीम से जुड़े जानकारों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी लोगों को अपने झांसे में लेकर उन्हें दो से ढाई हजार रुपये देकर बैंक में खाता खुलवाते थे और आरोपी इटावा के कमांडर के हाथ 15 से 20 हजार रुपये में बेच देते थे। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर पोर्टल पर पंजाब सिंध बैंक की शाखा के चार खाताें की शिकायत पुलिस को मिली। इनमें साइबर फ्राॅड का पैसा आ रहा था। शक गहराने और जांच में खलीलाबाद के रहने वाले सन्नी के बैंक खाता में लगभग 9 लाख रुपये से ज्यादा, अमर गुप्ता के खाते में लगभग 80 लाख रुपये और राजेश के खाते में लगभग 65 लाख रुपये के लेनदेन होने का पता चला। सन्नी से पूछताछ के बाद धीरे-धीरे जांच की कड़ियां जुड़ती चली गईं। जिले में इस गैंग के सरगना के रूप में शक्ति निषाद निवासी कुसफरा थाना धनघटा के रूप में निकलकर सामने आया। यह योजना का लाभ दिलाने के लालच में लोगों को फंसाकर उनके बैंक खाता खोलवाकर कागजात अपने पास रख लेता था।
इन आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
पुलिस टीम ने साइबर ठगी के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि सात आरोपियों के खिलाफ निरीक्षक अपराध थाना धनघटा रामेश्वर यादव की तहरीर पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस की गिरफ्त में विजय यादव निवासी जगदीशपुर थाना धनघटा, नीतेश कुमार निवासी त्रिलोकपुर थाना बेलघाट जनपद गोरखपुर, शक्ति निवासी कुसफरा थाना धनघटा, विकास पांडेय निवासी लोहरैया, आर्यन पाल निवासी भरवल परवतवा थाना धनघटा आए। इनके खिलाफ गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर आईटी एक्ट व आर्म्स एक्ट का रिपोर्ट दर्जकर पुलिस ने विधिक कार्रवाई पूरी करके जेल भेज दिया, जबकि अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तार के प्रयास में जुटी हुई है।
साइबर अपराधियों के धर-पकड़ के लिए पुलिस टीम काम कर रही है। पुलिस जांच में जो नाम प्रकाश में आएगा, उसे विवेचना में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा, पूरे मामले में अन्य आरोपियों के संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। - जय प्रकाश चौबे, एसओ, साइबर क्राइम थाना