- पुलिस की मानें तो रुपये के लेनदेन के लिए सुशील की मौत
- एसपी से मिलने के बाद सुशील के परिजनों को न्याय की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सुशील की मौत का रहस्य अब पुलिस उसके मोबाइल फोन के सहारे खोलने में जुटी हुई है। साथ ही पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है। उधर सुशील के परिवार को एसपी से मिलने के बाद न्याय की उम्मीद बढ़ गई है। पुलिस की मानें तो रुपये के लेनदेन को लेकर सुशील की मौत हुई है।
मालूम हो कि बृहस्पतिवार को गौरापार गांव के पास बाग में सुशील का शव पेड़ से लटका मिला था।पुलिस ने मृतक के पिता की तहरीर पर अज्ञात के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की। घटना के पांच दिन बाद भी पुलिस के किसी नतीजे पर न पहुंचने से नाराज सुशील के पिता गिरजेश और भाई सुनील मंगलवार को एसपी के पास पहुंचे।
पिता ने बताया कि सुशील की मोबाइल खुलने के बाद उस पर पैसे के लिए 20 बार कॉल किया गया था। उसके बाद व्हाट्सएप पर संदेश दिया गया था कि अगर शाम तक रुपये नहीं दिए तो घर से उठा ले जाएंगे। बेटा सुशील कुछ लोगों से ब्याज पर रुपये लिया था। ब्याज में दी गई रकम को धीरे-धीरे करके सूदखोरों को लौटा रहा था, लेकिन सूदखोर बेटे को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किए कि उसकी जान चली गई।
सुशील के पिता ने बताया कि मोबाइल पर प्रमाण होने के बाद भी पुलिस अभी तक धमकी देने वालों को थाने पर लाकर पूछताछ भी नहीं कर पाई। जिससे मालूम होता है कि स्थानीय पुलिस राजनीतिक दबाव में आकर आरोपियों को बचा रही है।
वहीं एसपी सत्यजीत गुप्त ने सुशील के परिजनों की बात को गंभीरता से सुनने के बाद उनके सामने एसओ घनघटा से इस मामले में जानकारी हासिल की और तीन दिन के भीतर मामले का खुलासा करने के निर्देश एसओ को दिए। एसपी के आदेश के बाद धनघटा पुलिस बुधवार को पूरे दिन इस मामले सुशील के मोबाइल को खंगालते रही।
इस संबंध मे एसओ अनिल कुमार ने बताया कि रुपये के लेनदेन को लेकर सुशील की मौत हुई है। प्रयास है कि इस मामले का खुलासा जल्द ही कर लिया जाए।
घटना स्थल के आसपास चलता है सूदखोरी का धंधा
धनघटा। नगर पंचायत हैंसर बाजार धनघटा के मिठना सिठना वार्ड निवासी 28 वर्षीय सुशील की मौत की रहस्य पर पड़े पर्दे को छह दिन बाद भी उठाने में पुलिस नाकामयाब है। सुशील की मौत जिस जगह हुई थी वहां आसपास सूदखोरी का धंधा चलता है, जिसे लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चा है।
आसपास के लोगों का कहना है कि पुराने ट्रैक्टर खरीदने और बेचने का काम करने वाले सुशील की जान पहचान क्षेत्र में बड़े पैमाने पर थी। जिस बाग में सुशील का शव मिला उसे बाग से दो से तीन किलोमीटर की परिधि में ब्याज पर रुपये देने का काम भी कुछ लोग लंबे समय से कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि कहीं ऐसा तो नहीं कि सुशील को उस क्षेत्र का रहने वाला कोई शख्स ब्याज पर रकम दिया हो और जब उस पर रकम लौटाने का दबाव बनाया हो तो सुशील उसके पास गया हो और बातचीत हुई हो, क्योंकि सुशील जिस दिन घर से निकला था उसने दिनभर उसी इलाके में घूम रहा था। शनिचरा बाजार से लेकर शिवापार आदि स्थानों पर लोग उसे देखे जाने की बात बता रहे हैं। फिलहाल उसकी मौत की वजह क्या है इसकी जांच करने में पुलिस जुटी हुई है।