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Sant Kabir Nagar News: बार्डर के एक गांव में लगे कैमरे से मिली पुलिस को लीड, सर्विलांस ने जोड़ी कड़ियां

Wed, 12 Feb 2025 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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संतकबीरनगर। बेलहरकला थानाक्षेत्र के निघुरी चौराहा पर एक फरवरी को हुई लूट की घटना के बारे में बार्डर पर एक गांव में लगे सीसीटीवी कैमरे से पुलिस को लीड मिली। उस कैमरे के सामने लुटेरों ने अपना गमछा उतार दिया था। जांच अधिकारियों की मानें तो घटनास्थल के पास मौजूद अस्पताल से सेल्समैन को अगर मदद मिली होती तो लूट नहीं हो पाती। वहीं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर छापे मार रही है।
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सिद्धार्थनगर जिले के एक मोबाइल व्यवसायी के सेल्समैन से 1 फरवरी की रात करीब साढ़े नौ बजे के आसपास धर्मसिंहवा थानाक्षेत्र के निघुरी स्थित प्राइवेट अस्पताल के पास पहुंचते ही बाइक सवारों ने रोककर रुपयों से भरा बैग व दो महंगे मोबाइल छीन लिया तथा मौके से फरार हो गए। पुलिस की पांच टीमों ने जब घटना के खुलासे के लिए काम करना शुरु किया तो कोहरा सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आए। घटना के दिन अत्यधिक कोहरा पड़ रहा था। इसकी वजह से सीसीटीवी की जांच में कुछ साफ नहीं दिखाई दे रहा था।
वहीं पुलिस की निगाह जेल से बाहर आए जिले व आसपास के जनपदों के अपराधियों पर भी टिकी हुई थी। लुटेरे अपने चेहरे पर रुमाल भी बांधे हुए थे। सर्विलांस की कड़ियों को जब जोड़ा गया तब पुलिस को यह लीड मिली कि लूट की घटना के बाद आरोपित एक सीमावर्ती क्षेत्र में गए थे। इसके बाद पुलिस ने उस क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरे की खोजबीन शुरु की। इस दौरान पुलिस को एक ऐसा कैमरा मिल गया, जिस कैमरे में अपराधियों के चेहरे खुले थे।
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इसके बाद टाइमिंग के आधार पर जांच की गई तो यही आरोपी खलीलाबाद से लेकर घटनास्थल तक कई कैमरों में कैद हुए थे। इसके बाद पुलिस की राह आसान होती चली गई और इस लूट के खुलासे में सफलता मिली।

सारे कर्मचारियों का खंगाला गया डाटा
घटना के बाद से ही लगी पुलिस टीम ने मोबाइल कारोबारी के यहां काम करने वाले और पूर्व में काम छोड़ चुके करीब कर्मचारियों का डाटा निकाला। उनकी लोकेशन और डिटेल खंगालने का काम शुरु किया। कारोबारी के यहां पहले काम कर चुके एक आरोपी नसीम ने मोबाइल चोरी किया था और उसे वहां से निकाल दिया गया था। वहीं एक अन्य आरोपी फिरोज कारोबारी के यहां चालक था। गाड़ी दुर्घटना के बाद कारोबारी ने उसे भी काम से निकाल दिया था। दोनों नौकरी जाने के वजह से काफी खफा थे। इसके बाद प्रदीप कन्नौजिया के साथ मिलकर दोनों ने लूट के घटना की साजिश रच डाली।
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अस्पताल से मिली होती मदद तो नही होती घटना
जांच टीम के सदस्यों की मानें तो घटना के समय पास के अस्पताल से यदि कोई मदद मिली होती तो लूट की घटना नहीं होती। आरोपियों से खुद को घिरा देखकर सेल्समैन सलीम मोहम्मद रुपये से भरा बैग लेकर निजी अस्पताल की तरफ करीब 100 मीटर भागकर पहुंचा। अस्पताल के सामने जाकर वह मदद के लिए चिल्लाया। इसके बाद भी अस्पताल से निकलकर कोई बाहर नहीं आया और आरोपी मार पीटकर रुपये से भरा बैग छीनकर फरार हो गए।

दो आरोपियों की तलाश में चल रही छापेमारी
पुलिस टीम लूट के मामले में चार आरोपियों की पहचान उजागर की। जिसमे से मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया। एक आरोपी को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगी। वही पुलिस पूछताछ में प्रकाश में आए फिरोज एवं सेल्समैन प्रदीप कन्नौजिया की तलाश में पुलिस टीम उनके सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। आरोपी फरार चल रहे हैं। पुलिस अधिकारियों की तरफ से जल्द ही दोनों को गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।
कोट
लूट की घटना में संलिप्त दो आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है। दो अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम काम कर रही है। उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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-सत्यजीत गुप्ता, एसपी
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