संतकबीरनगर। खलीलाबाद क्षेत्र के दुघरा गांव में हुई अन्नपूर्णा उर्फ पारुल राय की आत्महत्या के मामले में पुलिस अभी तक आरोपी को चिह्नित नहीं कर पाई है, जबकि इस मामले में आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराए पांच दिन बीत चुके हैं। आरोपित का मोबाइल नंबर व पहचान होने के बाद आरोपी को चिह्नित न कर पाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान है।
कोतवाली खलीलाबाद दुघरा गांव निवासी अन्नपूर्णा उर्फ पारुल राय का शव 24 जनवरी को घर में फंदे के सहारे लटका मिला था। सूचना के बाद मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस दौरान पारुल के पिता कुंभ मेले में गए थे। घर पर उनकी पत्नी और बच्चे ही मौजूद थे।
पारुल के अंतिम संस्कार के बाद पिता वेद प्रकाश राय ने 31 जनवरी को पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी बेटी लगभग आठ माह से इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित एक वाहन कंपनी में काम करती थी। वहां पर काम करने वाला एक व्यक्ति गलत नीयत से बेटी को फोन करके परेशान करता था। युवक से परेशान बेटी ने कई बार उनसे शिकायत की थी। लोकलाज के डर से पुलिस में कोई शिकायत नहीं की। उनका आरोप था कि उस व्यक्ति के द्वारा फोन से परेशान व प्रताड़ित होकर बेटी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। उन्होने पुलिस को आरोपी व्यक्ति के मोबाइल नंबर के साथ ही बेटी का मोबाइल नंबर भी दिया, लेकिन अभी तक पुलिस पांच दिनों से मोबाइल नंबर को ही ट्रैस नहीं कर पाई है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी के मोबाइल नंबर के खिलाफ केस दर्जकर घटना की छानबीन शुरू की है।