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मेला परिसर खाली कराने के लिए पुलिस ने भांजीं लाठियां

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मगहर कबीर चौरा परिसर में दुकान हटवाने के लिए बैठे प्रशासन के लोग । - फोटो : KHALILABAD
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मेला परिसर खाली कराने के लिए पुलिस ने भांजीं लाठियां
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कबीर चौरा परिसर में लगे मेले में तितर-बितर हुए सामान, कुछ लोगों को आईं चोटें
मेला परिसर खाली करने को सामान सहेजने में जुटे दुकानदार
संवाद न्यूज एजेंसी
मगहर। कबीर चौरा परिसर में लगे मेले में दुकानों को हटवाने के लिए शनिवार को प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया। पुलिस कर्मियों ने लाठियां भांजीं। इसमें कुछ दुकानदारों को चोटें भी आईं। इस घटना से मेले में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। लोगों ने प्रशासन के इस रवैये की निंदा की।
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कबीर चौरा परिसर में खिचड़ी के मेले को 14 जनवरी से 20 जनवरी तक प्रशासन ने अनुमति दी थी। बावजूद इसके मेले में लोगों की जुटने वाली भीड़ को देखते हुए दुकानदारों, झूला व चरखी मालिकों ने जिला प्रशासन से मेले को 30 जनवरी तक बढ़ाने की अनुमति देने का आग्रह किया था, लेकिन प्रशासन की ओर से अनुमति नहीं दी गई। शुक्रवार को सभी से अपनी दुकानें बंद कर चले जाने की चेतावनी दी थी। इधर धीरे-धीरे दुकानदार अपना सामान समेट रहे थे। मेले से दुकान खाली कराने को लेकर शनिवार को पुलिस ने लाठियां भांजीं। इसमें कई दुकानदारों को चोटें भी लगीं हैं। खजला दुकानदार महीप पाल ने बताया सुबह में दुकान पर बैठे थे। इसी बीच जेसीबी लेकर पुलिस कर्मी आए। दुकान को बंद कराने के साथ ही तत्काल सामान को समेट कर जाने की बात कहते हुए लाठियां भांजनी शुरू कर दी। इसके कारण तैयार खजले के साथ ही खजले के लिए तैयार किया गया मैदा चीनी आदि में हजारों रुपये का नुकसान हुआ है। पुलिस की लाठी से उसके तीन सहयोगियों को काफी चोटें भी लगीं हैं। मेले में जलपान के दुकानदार अजय कुमार ने कहा कि कोरोना के बाद एक साल पर पहला मेला था। इसमें दुकान लगाई थी। 20 जनवरी तक ही मेले की अनुमति थी। इसके बावजूद मेले में लोगों की भारी भीड़ आ रही है। इसके कारण दुकान खोले हुए थे। तभी शनिवार को पुलिस बल के साथ दुकान को बंद कर तत्काल हटाने का दबाव प्रशासन के लोगों ने दिया। इससे काफी नुकसान हुआ है। झूला के मालिकों का कहना है कि वे झूले को शुक्रवार को ही प्रशासन के आदेश पर बंद कर दिए थे। शनिवार से झूले को खोलना शुरू किया था कि तभी सुबह प्रशासन के लोगों ने आकर तत्काल झूले को लेकर चले जाने को कहने लगे। जबकि झूला खोलने के लिए कम से कम दो दिन का समय लगता ही है। मगहर के मेले में वर्षों से झूला लगाते रहे हैं। पहली बार प्रशासन के द्वारा इतना कड़ा रुख अख्तियार किया गया है। मेले को बंद कराने सीओ सदर गयादत्त मिश्रा, एसडीएम खलीलाबाद सदर व राजस्व कर्मी कानूनगो निजामुद्दीन, लेखपाल चंद्र भूषण कन्नौजिया, राम सुमेर के साथ काफी संख्या में पुलिस कर्मी पहुंचे थे। इस संबंध में एसडीएम आरएन त्रिपाठी ने बताया कि मेले में दुकानों को लगाने के लिए 20 जनवरी तक की अनुमति दी गई थी। इसके अलावा सुरक्षा की दृष्टिकोण से मेले को हटाया गया है। लाठी भांजने का आरोप गलत है।
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