- विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने सुनाई सजा
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी की कोर्ट ने किशोरी को अपहरण करने व जान से मारने की धमकी देने के साथ हमला करने के मामले में पाॅक्सो एक्ट के मामले में दोषी पाए जाने पर दोषी को दस वर्ष का सश्रम कारावास और 61000 रुपए अर्थदंड से दंडित किया। अदा न करने पर 18 माह 15 दिन साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
विशेष लोक अभियोजक फौजदारी सत्य प्रकाश गुप्ता उर्फ टीटू और वादी मुकदमा के अधिवक्ता आकाश शाही ने बताया कि पीड़िता के पिता ने थाना मेंहदावल में तहरीर दिया कि उसकी 16 वर्षीय बेटी को गांव के आरोपी ने 29 अगस्त 2013 को समय करीब 11 बजे रात में बहला-फुसलाकर घर से भगा ले गए। गांव में पता लगाया तो पता चला कि आरोपी लेकर पंजाब चला गया है और गांववालों से मुझे अपशब्द और जान से मारने की धमकी भी दिया है।
तहरीर के आधार पर थाना मेंहदावल पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध जान से मारने की धमकी व पॉक्सो एक्ट की धारा में केस दर्ज हुआ। विवेचक ने वादी मुकदमा के बयान, पीड़िता के बयान तथा साक्ष्य के आधार पर आरोपी के खिलाफ नाबालिग को अपहरण करने, दुष्कर्म करने, जान माल की धमकी और पाॅक्सो एक्ट के अंतर्गत आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में आरोपी ने अपने आरोप से इन्कार करते हुए विचरण की मांग किया। बयान व पत्रावली के अवलोकन, दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जैनुद्दीन अंसारी की कोर्ट ने पाॅक्सो एक्ट के मामले में दोषी पाए जाने पर 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।