संतकबीरनगर। सहालग में डीजे का चलन बढ़ गया है। लोगों को अंदाजा नहीं है कि जो रकम डीजे पर खर्च कर रहे हैं, वही डीजे बीमारी के साथ जेब भी खाली कर रहा है। इसके शोर से लोग परेशान हैं। कान में समस्या उत्पन्न हो रही है। जिला अस्पताल के ईएनटी विभाग में प्रतिदिन आठ से 10 मरीज कान की समस्या को लेकर पहुंच रहे हैं, जिन्हें सुनने में दिक्कत आ रही है और कान से पानी भी आ रहा है।
शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक शादी की धूम है। हर बरात में डीजे बज रहा है। बरात ले जाते समय द्वारपूजा तक वाहनों पर बड़े-बड़े डीजे बॉक्स रखकर तेज ध्वनि में बजाया जा रहा है। साथ ही मैरिज हाॅल में देर रात तक डीजे बजाए जा रहे हैं, जिसके शोर के चलते मैरिज हाॅल के आसपास रहने वाले लोग ही नहीं बराती और घराती भी इस समस्या से परेशान हैं। शहर में रहने वाले लोग डीजे के शोर के चलते ठीक से सो भी नहीं पा रहे हैं और बीमार हो रहे हैं।
मड़या में डीजे की तेज ध्वनि ने नींद में डाली खलल : शहर में मड़या में रहने वाले संजय त्रिपाठी ने बताया कि पास में ही शादी थी और पूरी रात डीजे का शोर रहा, जिससे वह पूरी रात सो नहीं पाए। इससे सुबह के समय काफी दिक्कत आई।
अफनाहट हो रही थी। चिकित्सक को दिखाया तो दवा दिए। दो दिन बाद आराम मिला। वहीं बंजरिया के रहने वाले अनिल सिंह ने बताया कि बच्चों की छमाही परीक्षा चल रही है। डीजे के शोर के चलते बच्चे सही तरीके से पढ़ नहीं पा रहे हैं। पढ़ाई में भी व्यवधान उत्पन्न हो रहा है। पढ़ाई पूरी न होने की वजह से बच्चे मानसिक रूप से परेशान हो जा रहे हैं।