संतकबीरनगर। ठंड बढ़ते ही बच्चों में वायरल संक्रमण का खतरा बढ़ने लगा है। इससे पीड़ित बच्चों की संख्या दोगुने हो गई। सर्दी से पहले जिला अस्पताल में 12 से 15 निमोनिया से पीड़ित होकर पहुंच रहे थे, लेकिन अब 30 से 40 बच्चे रोजाना निमोनिया से पीड़ित होकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सक बच्चों को ठंड से बचाने और धूप में रहने की सलाह दे रहे हैं।
इस मौसम में सर्दी और जुकाम होना आम बात है। इस मौसम में बच्चों को निमोनिया का खतरा अधिक होता है। इसलिए बच्चों को निमोनिया से बचाव पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है। यही कारण है कि अब जिला अस्पताल में सर्दी और जुकाम के साथ निमोनिया के लक्षणों वाले बच्चों की संख्या बढ़ रही है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. डीपी सिंह के मुताबिक मौसम में बदलाव बच्चों के लिए घातक साबित हो सकता है। इस समय बच्चों को होने वाले सर्दी, जुकाम और बुखार को हल्के में नहीं लेना चाहिए। इस समय के बुखार में निमोनिया हो सकता है। बताया कि इस बीमारी के प्रतिदिन 30 से 40 बच्चे जिला अस्पताल में आ रहे हैं, जबकि ठंड से पहले 12 से 15 मरीज इलाज के लिए ओपीडी में आते थे। निमोनिया से पीड़ित बच्चों को डॉक्टर इलाज कर बचाव के तरीके बताएं जा रहे हैं।