मेंहदावल। आवास योजना में लापरवाही का मामला सामने आया है। विकास खंड के समोगर व सरफरा गांव में पीएम आवास योजना के तहत अपात्रों के खातों में रुपये भेज दिए गए। अब उनके खिलाफ राजस्व वसूली प्रमाणपत्र आरसी जारी करने की कार्रवाई शुरू की जा रही है।
वर्ष 2021-22 में समोगर की ऐरुन्निशा पत्नी अमानत, बुजरहट पत्नी बरसाती, निर्मला पत्नी बुधिराम, सुनीता पत्नी रामशंकर समेत पांच लाभार्थियों को 40-40 हजार रुपये की पहली किस्त दी गई थी। इसके बाद 2022-23 में सरफरा की सुमित्रा पत्नी मनोज के खाते में 1.10 लाख रुपये भेजे गए। त्रिस्तरीय जांच कमेटी की रिपोर्ट में इन सभी को अपात्र घोषित किया गया।
इसके बाद विभाग ने कई बार नोटिस भेजे और खातों का संचालन भी रोक दिया, लेकिन चार साल बीत जाने के बाद भी 2.40 लाख रुपये की वसूली नहीं हो सकी। वहीं मुख्यमंत्री आवास योजना 2024-25 में भी स्थिति बेहतर नहीं है। थरौली की उषा देवी पत्नी श्रवण कुमार, जब्बार की गुड़िया पत्नी राकेश, बढ़या की संगीता पत्नी मेवालाल और पटवरिया की संजना पत्नी वीरेंद्र के खातों में कुल 2.30 लाख रुपये जारी किए जा चुके हैं, लेकिन पैसा आने के बाद भी इनमें से किसी ने मकान का निर्माण शुरू नहीं किया। ग्राम पंचायत सचिव जब गांव में जांच के लिए जाते हैं तो लाभार्थी मौके पर नहीं मिलते।
बीडीओ मेंहदावल अवनींद्र कुमार पांडेय ने बताया कि पीएम आवास के 6 अपात्र लाभार्थियों को पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए गए हैं। वसूली न होने पर अब उनके खिलाफ राजस्व वसूली प्रमाणपत्र आरसी जारी करने की कार्रवाई शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि सीएम आवास के चारों लाभार्थियों को तत्काल निर्माण शुरू करने का निर्देश दिया जा रहा है।