सेमरियावां। ब्लाॅक के ग्राम पंचायत बढ़यामाफी में बिना रास्ते के चिन्हित खेल मैदान की भूमि पर गांववालों ने आपत्ति जताई है। गांव वालों का आरोप है कि चिन्हित खेल मैदान की भूमि तक जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। चिन्हित भूमि पर खेल मैदान बनाकर जिम्मेदार सरकारी धन के दुरुपयोग करने पर तुले हैं। गांव वालों ने बीडीओ, एसडीएम, सीडीओ से शिकायत दर्ज कर जांच की मांग की है।
गांव के मोहम्मद फहीम, मारूफ अहमद, जुबैर अहमद, मंसूर अहमद, अकबर अली, मोहम्मद अमीन आदि ने बताया कि सरकारी कागजात में कृषि योग्य बंजर भूमि दर्ज है। इसी के बगल में मंसूर पुत्र अमीन का मकान है जो दिव्यांग हैं तथा लोहिया आवास के लाभार्थी हैं। बंजर भूमि के तीनों दिशाओं में काश्तकारी का नंबर है तथा मंसूर अहमद के मकान के उत्तर तरफ बंजर भूमि को खेल मैदान के लिए चिन्हित किया गया है। जबकि बंजर भूमि पर आने-जाने का कोई रास्ता नहीं है। जमीन के चारों तरफ आबादी है तथा स्थानीय लोगों ने मकान बनाने के लिए नींव एवं पिलर डाले हुए हैं। ऐसे में यहां से खेल मैदान को हटाते हुए अन्य सरकारी भूमि पर निर्मित किया जाना चाहिए ताकि वहां पहुंचने के लिए उचित रास्ता हो। आईजीआरएस पर दर्ज शिकायत के जवाब में हलका लेखपाल और कानूनगो द्वारा जांच के दौरान भी अपनी आख्या में रास्ता न होने की बात कही है। भूमि का आकार त्रिभुजाकार है तथा सरकारी अभिलेखों में रास्ता नहीं है।
मामला संज्ञान में आया है। खेल के मैदान के लिए चिन्हित जमीन उपयुक्त है। खेल मैदान में जाने के विशेष रास्ते का होना जरूरी नहीं है तथा मेड़ से भी खेल मैदान में आ जा सकते हैं।
सुरेश कुमार मौर्य, बीडीओ सेमरियावां