- खलीलाबाद, मेंहदावल और धनघटा तहसील में जमीन चिह्नित
- प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था
छह माह बाद भी नहीं मिली स्वीकृति
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले के तीनों तहसीलों में सीबीजी प्लांट (कंप्रेस्ड बायो गैस संयत्र) लगना था। इसके लिए जिला प्रशासन ने तीनों जगहों पर छह सौ करोड़ का प्रस्ताव शासन में भेजा था। जमीन भी चिह्नित हो गई। छह माह बीत गया पर कोई कार्य शुरू नहीं हो पाया। इसके बनने से बिजली की व्यवस्था बेहतर तो व्यवस्थित तो होती ही लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलते।
प्रशासन ने जिले में कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट की स्थापना के लिए पहल की थी। इसके लिए खलीलाबाद, मेंहदावल और धनघटा तहसील में प्लांट की स्थापना के लिए जमीन का चिह्नाकन किया था। खलीलाबाद के परजूडीह में जमीन मिली थी। इस पर पर कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट की स्थापना होनी थी। इसके बनने से आसपास के लोगों को रोजगार के साधन उपलब्ध होते साथ ही कचरे व गोबर से बिजली का उत्पादन होता। प्रत्येक तहसील में दो सौ करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे लेकिन यह योजना अधूरी रह गई है, जबकि जिला प्रशासन ने इस का प्रस्ताव नगरीय उर्जा विभाग को फरवरी माह में ही भेज दिया था तब से स्वीकृति का इंतजार हो रहा है।
इसी तरह से मेंहदावल के अमरहा में 200 करोड़ और धनघटा के बगही में भी 200 करोड़ से प्लांट लगया जाना था, जमीन भी मिल गइ थी लेकिन अभी तक इसकी भी स्वीकृति का इंतजार है। प्रशासन की माने तो जल्द ही इसकी स्वीकृति मिल जाएगी और निर्माण काम शुरू हो जाएगा।
प्लांट लगने से ये फायदे होंगे
- गोबर, कृषि अपशिष्ट, रसोई घर के कचरे आदि को कंपोस्ट, बायोगैस व बायो सीएनजी में बदलने का लक्ष्य।
- गोबर धन योजना से ग्रामीण क्षेत्रों को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी।
- बायोगैस से खाना पकाने और प्रकाश के लिए ऊर्जा मिल सकेगी।
- किसानों व पशुपालकों की अतिरिक्त आमदनी का जरिया बनेगा।
- बिजली बनाने के बाद बचे अपशिष्ट का फसलों में भी प्रयोग कर सकेंगे।
- गोबर का प्रयोग बायोगैस प्लांट में किया जाएगा।
- गैस से गोशाला में बिजली, पानी व अन्य व्यवस्था पूरी होंगी।
- जो बिजली बनेगी उससे घर रोशन होंगे।
सीबीजी संयत्र के लिए अमरहा मेंहदावल में रिलायंस, धनघटा के बगही में ओएनजीसी एजेंसी से कार्य कराना तय है। 10 दिन में शासनादेश आ जाएगा। परजुडीह खलीलाबाद में दो से तीन ग्रुप यूपीनेडा में लगे हैं, जल्द ही वह भी तय हो जाएगा। एक माह में सभी एजेंसियां नामित हो जाएंगी, उसके बाद कार्य शुरू हो जाएगा। - महेंद्र सिंह तंवर, डीएम