मंझरिया-बनकटा मार्ग का चौड़ीकरण का काम अधूरा पड़ा। संवाद
संतकबीरनगर। खलीलाबाद शहर के चारों तरफ रिंग रोड बनाया जाना है, ताकि शहर में जाम की समस्या दूर हो सके लेकिन अभी भी यह योजना अधूरी रह गई। वर्तमान में मंझरिया-कटका मार्ग का निर्माण कार्य कराया जा रहा है तो बघौली-मंझरिया रिंग रोड का प्रस्ताव शासन में लंबित है। जिसके स्वीकृति का इंतजार हो रहा है। इसके साथ ही बालूशासन से पायलपार जाने वाले रिंग रोड की मंजूरी मिली है लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हो सका है।
शहर में भारी वाहनों के लिए सुबह आठ बजे से शाम को आठ बजे तक नो एंट्री रहती है। ऐसे में बड़े वाहनों को धनघटा-आंबेडकर की तरफ आने-जाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर गोरखपुर व मेंहदावल की तरफ से आने वाले बड़े वाहनों के चालकों को समस्या झेलनी पड़ रही है। इसकी वजह यह है कि मंझरिया से कटका होकर मोलनापुर में मिलने वाली सड़क का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है। फरवरी माह में करीब 19 करोड़ से इस सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। अभी तक सड़क की दोनों पटरियों पर गिट्टी डालने का कार्य ही हो सका है। ऐसे में इस मार्ग से होकर धनघटा की ओर बड़े वाहन गुजरने से हिचकिचा रहे हैं। दूसरी तरफ बघौली से मंझरिया तक रिंग रोड के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है लेकिन अभी तक इसकी स्वीकृति नहीं मिल सकी है जबकि बालूशासन से जोरवा होकर पायलपार तक बनने वाले रिंग रोड की स्वीकृति के बाद भी अभी तक कार्य शुरू नहीं हो सका है। हालांकि सर्वे का कार्य पूर्ण हो गया है और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कराई गई है।
भुवरिया-पायल रिंग रोड बनने से थोड़ी राहत
बस्ती की तरफ से आने वाले बड़े वाहन भुवरिया से पायलपार रिंग रोड से होकर धनघटा, आंबेडकरनगर की तरफ आ जा रहे हैं। इससे थोड़ी राहत मिली है। यह मार्ग करीब 29 करोड़ की लागत से बना है। क्षेत्र के निवासी कृष्णकांत शर्मा, मुलायम सिंह यादव आदि ने बताया कि इस मार्ग के बनने से आवागमन सुगम हुआ है। यदि अन्य रिंग रोड कार्य पूर्ण हो जाए तो शहर में जाम की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।
मंझरिया-कटका मार्ग का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है जबकि बघौली से मंझरिया रिंग रोड का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जल्द ही इसकी स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। बालूशासन से पायलपार रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसके बनने के बाद काफी राहत मिल सकती है।
आरके पांडेय- अधिशाषी अभियंता लोनिवि