संतकबीरनगर। जिला अस्पताल के परिसर में क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनना था। इसके लिए दिसंबर माह में जमीन का चिह्नांकन हुआ था। लेकिन लखनऊ की टीम ने जमीन सकरा होने का हवाला देते हुए प्रस्ताव को निरस्त कर दिया है। जिससे योजना अधर में लटक गई है। इसके लिए कुल 27 करोड़ रुपये भी अवमुक्त हो चुके हैं।
जिले में एक जिला अस्पताल व सात सीएचसी है। जहां पर आने वाले मरीजों का इलाज होता है। गंभीर मरीज या तो गोरखपुर रेफर होते है या लखनऊ रेफर कर दिए जाते हैं। इसके लिए डीएम की ओर से शासन में क्रिटिकल केयर ब्लॉक का प्रस्ताव भेजा गया था। जिसकी मंजूरी नवंबर माह में मिली थी और दिसंबर में जमीन की तलाश हुई थी। यह जमीन सीएमओ कार्यालय के बगल व जिला अस्पताल के बीच में थी। ताकि जिला अस्पताल के बाद मरीज वही पर भर्ती हो सके। इस मद में 27 करोड़ रुपये अवमुक्त हुए थे। इस मद से चार मंजिला भवन बनाया जाना था। इसमें 35 कमरों के साथ ही आईसीयू, आइसोलेशन बेड के अलावा वेंटिलेटर ऑक्सीजन जैसी सुविधाएं दी जानी थी। पर लखनऊ की कार्यदायी संस्था ने जमीन सकरा और कम होने का हवाला देते हुए निरस्त कर दिया। अब सीएमओ कार्यालय फिर से जमीन की तलाश में जुटा हुआ है।
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क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए जो जमीन चिहि्न्त थे। उसे कार्यदायी संस्था ने कम होना बताया है। जमीन की तलाश की जा रही है। जल्द ही इस ओर कदम उठाया जाएगा।
-डॉ. रामानुज कन्नौजिया, सीएमओ