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Sant Kabir Nagar News: हर तरफ से बरता एहतियात, फिर भी नहीं बचा पेशकार

Thu, 04 Jan 2024 11:25 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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नकदी न लेकर लिफाफे में मंगवाए रुपये, टिफिन में रखने से पहले ही घात लगाई टीम ने दबोचा
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दिवाकर शुक्ल
संतकबीरनगर। खलीलाबाद सदर तहसील स्थित डीडीसी न्यायालय चकबंदी पेशकार मुकेश कुमार यादव ने घूस के रुपये लेने से पहले एहतियात बरता। कार्यालय में रुपये लेकर पहुंचे शिकायतकर्ता से नकदी न लेकर लिफाफे में रुपये मंगवाए। लंच के बाद टिफिन में 20 हजार रुपये का लिफाफा रखते ही कार्यालय में पहले से ही घात लगाए एंटी करप्शन की टीम ने पेशकार को रंगेहाथ दबोच लिया।
जंगलऊन बलुअरा गांव निवासी गुलाम मुस्तफा की मानें तो वह डीडीसी न्यायालय चकबंदी पेशकार मुकेश कुमार यादव की कार्यप्रणाली से पूरी तरह तंग आ चुका था। आठ साल पहले पूरी हुई चकबंदी के बाद से ही वह चकबंदी न्यायालय का चक्कर काटकर काफी परेशान हो चुका था। जमीन के संबंध में एसीओ, सीओ व एसओसी के यहां से उसके पक्ष में फैसला आ गया था। इसके बाद जारी हुए नोटिस को उसके विपक्षी ने रिसीव नहीं किया।
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इसके बाद मामला डीडीसी न्यायालय में पहुंचा। जहां पर पेशकार अक्सर उससे विपक्षी की ओर से 80 हजार रुपये मिलने और उसके पक्ष में निर्णय कराने की धमकी देकर ब्लैकमेल करता रहता था।
पीडि़त के पक्ष में निर्णय के लिए पहले 70 हजार और फिर 60 हजार रुपये घूस मिलने के बाद मामला तय हुआ। इससे क्षुब्ध होकर गुलाम मुस्तफा ने दिसंबर में एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। उसके अलीगढ़ चले जाने की वजह से मामला लटक गया। वहां से वापस आने के बाद एक जनवरी को वह फिर एंटी करप्शन की टीम के संपर्क में आया।
इसके बाद पूरी रणनीति बनाकर पेशकार को घेरने की योजना तैयार हुई। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण संगठन बस्ती के निरीक्षक उदय प्रताप सिंह यादव की अगुवाई में पहुंची टीम ने घेरेबंदी करके भ्रष्टाचारी पेशकार मुकेश कुमार यादव को रंगेहाथ दबोचकर अपनी गिरफ्त में लिया।
गिरफ्तारी की सूचना के बाद मच गई अफरा-तफरी
सदर तहसील के डीडीसी न्यायालय चकबंदी पेशकार मुकेश कुमार यादव की गिरफ्तारी की सूचना के बाद अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। एंटी करप्शन के चंगुल में आने की जानकारी के बाद उसके जानने वाले भौचक रह गए। कार्यालय कर्मी के साथ ही अन्य कर्मचारी नेता भी कोतवाली पहुंचकर मामले की जानकारी करने में जुट गए। कार्यालय कर्मी कोतवाली में पहुंचकर फर्जी तरीके से फंसाने की चर्चा करते रहे।
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पूर्व में भी बीएसए और कई कर्मचारी चढ़े हैं एंटी करप्शन टीम के हत्थे
जनपद में पूर्व में भी कर्मचारी एंटी करप्शन के हत्थे चढ़े हुए हैं। जून वर्ष 2021 में धनघटा थाने में तैनात दरोगा राम मिलन यादव को एंटी करप्शन की टीम ने दस हजार रुपये घूस लेते हुए गिरफ्तार किया था। इसके अलावा मार्च 2023 में मेंहदावल तहसील में तैनात लेखपाल अश्वनी मिश्र 50 हजार रुपये घूस लेते एंटी करप्शन टीम के घेरे में आया था। इसके बाद टीम ने मामले में केस दर्ज कराकर सभी को जेल भेज दिया था। इसके साथ ही पांच साल पूर्व एक बीएसए भी 10 हजार घूस लेते पकड़ा जा चुका है।
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