इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले शनिवार को प्राइवेट चिकित्सकों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। इस दौरान चिकित्सकों केंद्र सरकार द्वारा रजिस्ट्रीकरण और विनियम 2016 की अधिसूचना जारी किए जाने का विरोध किया और इसे जन विरोधी बताया। कहा कि इससे प्रदेश में कई निजी चिकित्सालय बंद हो जाएंगे तथा चिकित्सा सेवाएं और महंगी हो जाएगी। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा और प्रदेश सरकार से मांग किया कि हस्तक्षेप कर अधिनियम को वापस कराएं।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. आरएन मिश्र और महामंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने कहा कि सरकार जो एक्ट लागू कर रही है, इससे प्रत्येक चिकित्सा संस्थान को पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा और अपंजीकृत जगह पर चिकित्सा प्रदान करना गैर कानूनी होगा। ऐसे में किसी भी प्रकार का चिकित्सा शिविर या कैंप लगाना असंभव होगा। उन्होंने कहा कि यह एक्ट पश्चिमी देशों के मानकों के आधार पर बनाया गया है। इसके अनुसार सभी अस्पतालों में मान्यता प्राप्त नर्सों तथा अन्य चिकित्सा सेवाकर्मी को रखना अनिवार्य होगा, लेकिन जब देश में चिकित्सीय सेवा कर्मियों की कमी है तो फिर ऐसा कर पाना संभव नहीं होगा। चिकित्सकों ने एक स्वर में मांग किया कि एकल क्लीनिक को इस एक्ट से बाहर रखा जाए। प्रदर्शन में डॉ. एनएन श्रीवास्तव बेचैन, डॉक्टर विवेक खन्ना, डॉक्टर सीबी सिंह, डॉक्टर एसबी सिंह, डॉक्टर एके श्रीवास्तव, दीपक पटेल, गणेश कन्नौजिया, एसपी श्रीवास्तव, एमके चौधरी, आरके चौधरी, राम प्रवेश आदि चिकित्सक शामिल रहे।