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व्रती महिलाओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया

Sun, 06 Nov 2016 11:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला संतकबीरनगर
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अर्घ्य दिया - फोटो : अमर उजाला
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 नदी घाटों और पोखरों पर रविवार को आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सूर्योपासना के महापर्व को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह और उमंग देखते ही बन रहा था। मंगल गीत गातीं महिलाएं घट पर पहुंचीं और वेदिकाओं पर पूजन-अर्चन किया। इसके बाद व्रती महिलाओं ने नदी, तालाब में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया और सुख-संतति का आशीर्वाद मांगा। दीपदान कर फिर मंगल गीत गातीं घरों की ओर लौटीं। नदी और पोखरों में प्रवाहित दीप की झिलमिलाती लड़ियां छठ की छटा बिखेर रही थीं। आस्था के इस नयनाभिराम दृश्य को लोग कैमरे में कैद करते रहे। घाटों पर मेले जैसा दृश्य था।
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 कांच के बांस के बहिंगया.. और.. सुनु लेहु अरज हमार हे छट्ठी मैया आदि गीतों के धुन गुनगुनाती टोलियों में महिलाएं पूजास्थल पर पहुंच कर अलग- अलग जगह निर्धारित की और अर्घ्य की तैयारी पूरी की।         जैसे ही सूर्य अस्ताचल की ओर जाते दिखे, घुटने भर पानी में खड़ी महिलाओं ने अपने सहयोगी की मदद से फल और पूजन सामग्री की डलिया हाथ में ले ली। दूसरे हाथ से अपने केश की लट हाथ में लेे अर्घ्य देना शुरू की। पूजा में रत माताओं-बहनों ने भगवान भाष्कर की पूजा के बाद किनारे घाट पर गन्ने के मंडप तले वेदी बनाकर छठ माता की पिंडी बनाकर उनकी अच्छत, फूल, सिंदूर आदि से पूजन की, आरती उतारी और नैवेद्य के रुप में नारियल, फल फूल, मिठाई, ठेकुआ आदि अर्पित की। उसके बाद मनोवांछित वरदान मांगी। इस दौरान नगर पालिका के कर्मी, पुलिस प्रशासन के लोग उपस्थित रहे। खलीलाबाद में कोतवाली के उत्तर पोखरे पर, विधियानी समय जी के मंदिर के पोखरे और सुगर मिल के कृत्रिम सरोवर और गोला बाजार के हनुमान गढ़ी स्थित पक्का पोखरा पर भारी संख्या में महिलाओं ने अर्घ्य देकर पूजा अर्चना की। पूजन करने वालों में अर्चना, मंजूषा पांडेय, रीता मिश्रा, राधा अग्रहरी, कंचन, प्रियंका सिंह समेत सैकड़ों महिलाएं रही।                         
       इंसेट             
पोखरे के जल में खड़े होकर पूजा किया            
बखिरा। छठ पर्व के प्रथम दिन डूबते सूर्य को जल देने के लिए व्रती  महिलाएं भंगेश्वरनाथ शिव मंदिर पर एकत्रित हुई। पोखरे के जल में खड़े होकर व्रतियों ने अस्ताचल सूर्य को जल दिया। पूजा के इस कार्यक्रम को देखने के लिये लोगो की भारी भीड़ सूर्यास्त तक पोखरे पर जमी रही।          बखिरा, मेडरापार, बरईपार, झुगिया, समदा, कदमा संमेत आसपास के ग्रामीण इलाके की रहने वाली कई महिलाएं छठ मैया का व्रत रखती है। पूरे विधि-विधान से सूर्य भगवान की पूजा करने के लिए कस्बे के शिवमंदिर स्थित पोखरे पर क्षेत्र की व्रती महिलाएं इकट्ठा हुई। अनेक प्रकार के फलों के साथ पति व परिवार के अन्य सदस्यों के सहयोग से पोखरे के जल में खड़े होकर अस्ताचलगामी सूर्य को जल देकर अपनी मनौती पूरी की। इस दौरान व्रती महिलाओं ने सफाई व प्रकाश व्यवस्था पर संतोष जताया किन्तु पोखरे के गंदे जल में खड़े होकर पूजा करने पर नाखुशी भी जताई। इसी तरह से मेंहदावल, धर्मसिंहवा, नाथनगर, हैंसर आदि जगहों पर भी छठ पर्व पर नदियों और पोखरों पर भारी भीड़ रही।       
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