धोखे से जमीन बैनामा कराने का आरोप लगाकर कलेक्ट्रेट पर धरना देते नेदुला गांव के पीड़ित
- फोटो : KHALILABAD
बैनामा निरस्त करने, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े ग्रामीण
- सदर विधायक ने डीएम से मिलकर भूमाफिया और गैगेस्टर की कार्रवाई की मांग उठाई
- डीएम ने विधायक की मौजूदगी में ग्रामीणों को किया आश्वस्त, तब माने ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। क्षेत्र के नेदुला में तीन धुर का सौदा करके तीन बीघा जमीन फ्राड करके बैनामा करा लेने के मामले में दर्ज मुकदमे के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी और बैनामा निरस्त करने की मांग पर अड़ गए। ग्रामीणों के समर्थन में पहुंचे सदर विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे ने डीएम से मुलाकात की। विधायक ने इस फ्राड में रजिस्ट्री कार्यालय की मिलीभगत का जिक्र करते हुए मामले की जांच कराए जाने की जरूरत जताई। फ्राड करने वालों पर गैगेस्टर और भूमाफिया की कार्रवाई किए जाने की डीएम से मांग की।
नेदुला के रहने वाले वीरेंद्र मौर्या, शिवशंकर मौर्या, सुखराम, बैजनाथ, वृजेश कुमार, रामसुरेश, संतकुमार, रामानंद का आरोप है कि 20 अगस्त को गांव के प्यारे पुत्र रामपत से तीन धुर जमीन का सौदा करके आरोपियों ने फ्राड करके उनकी तीन बीघे जमीन का बैनामा करा लिया। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है लेकिन अभी तक आरोपी पकडे़ नहीं गए। आरोपियों की ओर से पीड़ित परिवार को धमकी दी जा रही है। ग्रामीणों ने बैनामा निरस्त करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पर अड़ गए। सूचना के बाद सदर विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे भी कलेक्ट्रेट पहुंच गए। विधायक ने पहले ग्रामीणों को समझाया और फिर डीएम से मुलाकात की। डीएम रवीश गुप्त ने सब रजिस्ट्रार खलीलाबाद से फोन पर वार्ता की और मामले की जानकारी हासिल की। उसी दौरान विधायक ने कहा कि इस जालसाजी में रजिस्ट्री कार्यालय के जिम्मेदारों की भूमिका संदिग्ध है। इस मामले की शिकायत सीएम से करेंगे। यहां तक कहा कि इस मामले में सब रजिस्ट्रार के निलंबन की मांग उठाएंगे। विधायक ने डीएम से मांग किया कि फ्राड करके गरीब की जमीन का बैनामा करा लेने वाले आरोपियों पर भूमाफिया की कार्रवाई के साथ गैंगेस्टर लगाना चाहिए। पूर्व में इस तरह की गड़बड़ी करने की बात भी सामने आ चुकी है। उसी बीच कोतवाल श्रीप्रकाश यादव भी डीएम कार्यालय पहुंच गए। डीएम ने कोतवाल को निर्देश दिया कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी करें। इस मामले में यदि आपराधिक पुराने रिकॉर्ड हो तो आरोपियों पर गैगेस्टर एक्ट की भी कार्रवाई कराएं। डीएम के कार्यालय में पहुंचा पीड़ित राम प्यारे फफक कर रो पड़ा। भावुक हो उठे डीएम ने उसे न्योचित मदद करने का आश्वासन दिया।