घाघरा के जल स्तर में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी से एमबीडी बांध और नदी के बीच बसे गांव के लोग सहमे हुए हैं। कई स्थानों पर बढ़े जलस्तर से परवली और अरहर की फसल डूब गई है। एमबीडी महाबांध से दक्षिण घाघरा के किनारे धनघटा तहसील के गुनवतिया, चकदहा, ढोलबजा, दौलतपुर, खालेपुरवा, पटऊआं, पडरी, सुअरहा, गायघाट समेत 36 गांव बसे हुए हैं। ग्रामीण रुद्रप्रताप, रामनयन, सभाजीत, परशुराम, उदयभान, कलेश, लालचंद आदि ने बताया कि नदी का पानी करीब चार दिनों से तेजी के साथ बढ़ रहा है।
जिससे नदी के किनारे बोयी गई परवल, अरहर, मक्का की फसल डूब गई है। नदी का जल स्तर इसी तरह बढ़ा तो जल्द ही उनका गांव बाढ़ के चपेट में आ जाएगा। ग्रामीणों ने बताया कि नदी का पानी अभी गांव से दूर है, लेकिन जिस रफ्तार से आगे बढ़ रहा है उसे देख जल्द ही घर छोड़ने और गत वर्षों की भांति बांध पर शरण लेने की नौबत आ जाएगी।
इस संबंध में एसडीएम इंद्रभान तिवारी का कहना है कि नदी बढ़ जरूर रही है, लेकिन कोई गांव अभी खतरे में नहीं है। वैसे लेखपाल और कानूनगो की ड्यूटी लगा दी गई है कि वह इस पर नजर रखें। वहीं ड्रेनेज खंड द्वितीय के एक्सईएन दिनेश त्रिपाठी ने बताया कि घाघरा नदी प्रतिदिन तीन सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रही है। बुधवार की सुबह 91.6 पर बह रही थी। शाम को 91.9 पर हो गई। बृहस्पतिवार को 92.1 पर थी और शाम को 92.3 पर बह रही थी। नदी अभी खतरे की निशान से काफी नीचे बह रही है। फिलहाल बांध सुरक्षित है।