तामेश्वरनाथ में जल चढ़ाने के लिए लगी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
सावन के दूसरे सोमवार को जलाभिषेक के लिए आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सरयू, कुआनो आदि से आधी रात के बाद पहुंचे कांवड़ियों ने अलसुबह से बोल बम के नारों के साथ ही जलाभिषेक शुरू कर दिया। धीरे-धीरे श्रद्धालुओं की भीड़ शिवालयों में उमड़ने लगी। यह सिलसिला दोपहर तक चलता रहा। वहीं मंदिरों में सुरक्षा के मद्देनजर भारी फोर्स तैनात रही।
सावन का दूसरा सोमवार होने के चलते रविवार की देर रात से ही श्रद्धालुओं का जत्था तामेश्वरनाथ मंदिर पर आना शुरू हो गया। भोर होते ही तामेश्वरनाथ मंदिर के सामने स्थित पोखरे में श्रद्धालु जल भर कर पूजा करने लगे। पूजा करने के बाद जल भरकर मंदिर के सामने बने प्रवेश द्वार पर घंटों लाइन में खड़े होने के बाद भगवान शिव को जलाभिषेक कर मनवांक्षित फल मांगा। मंदिर के व्यवस्थापक कमेटी के सदस्य ब्रह्मशंकर भारती ने बताया कि सावन का दूूसरा सोमवार था। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। कुछ श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में स्थित पोखरे से भी जल भरकर शिवालय पर चढ़ाया। इसके अलावा कांवड़िए भी भारी संख्या में जल चढ़ाने के लिए पहुंचे।
हरिहरपुर प्रतिनिधि के अनुसार भगता के सिद्धेश्वरनाथ मंदिर पर भी काफी संख्या में भक्तों ने भोले बाबा पर जल चढ़ाया। मगहर प्रतिनिधि के अनुसार कबीर चौरा के आमी के तट पर स्थित शिव मंदिर पर भक्तों ने जलाभिषेक कर पूजन अर्चन किया। मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार भंगेश्वरनाथ मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। बघौली प्रतिनिधि के अनुसार कोपिया के शिव मंदिर पर श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। इसी तरह से हैंसर के हैंहेश्वरनाथ, धनघटा के दानीनाथ मंदिर और पौली के कंकड़ेश्वरनाथ और बिड़हर घाट स्थित शिव मंदिर और बेलहरकला के सेहुआनाथ शिवमंदिर, भितरी टोला स्थित शिवमंदिर में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।