दुकाने बंद होने के कारण छत पर खडे होकर शहर का नजारा देखते लोग
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घरों से बाहर नहीं निकले लोग
- बंदी का लोगों ने किया स्वागत, खुद की सुरक्षा का बेहतर माध्यम बताया
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। कोरोना वायरस की बढ़ती महामारी से बचाव को जनता कर्फ्यू में लोग घरों से बाहर नहीं निकले। कुछ किसान जहां अपनी खेती किसानी के काम को निपटाते देखे गए, वहीं पशु पालक पशुओं की सेवा में जुटे रहे। इधर महिलाएं रोजमर्रा के काम काज को करती दिखी। बच्चे घरों पर पढ़ाई के साथ खेलने में मशगूल रहे।
रविवार को सरकारी दफ्तरों और बैंक आदि कार्यालयों में छुट्टी रहती है, लेकिन सामान्य दिनों में बाजारों में चहल-पहल होती है। इधर कोरोना को लेकर जनता कर्फ्यू का ऐलान हुआ तो सभी इसके अनुपालन में स्वत: रूचि दिखाएं। लोग अपने घरों पर यहीं चर्चा करते सुने गए कि जान है तो जहान है। काम तो रोज करना होता है, एक दिन नहीं घर से निकलेंगे तो कोई आफत नहीं आ जाएगी। इसी बहाने लोग अपने परिवार के सदस्यों को भरपूर समय दिए। जनता कर्फ्यू के दौरान खुद निकाले वक्त को अपनों में गुजारने के आनंद का लुत्फ भी उठाया।
अतुल, अंकुुर, मेवालाल, दिग्विजय पासवान ,सोनू गौड़ आदि ने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए सरकार का जनता कर्फ्यू का निर्णय सराहनीय पहल है। लोगों ने अपनी जान की सुरक्षा के लिए इस निर्णय का स्वागत भी किया है। जिसका असर रहा कि समूचे जिले में हर ओर दुकानें बंद रहीं और लोग खुद अपने घरों में कैद रहे।