- जिला अस्पताल में रोजाना पहुंच रहे 15 से 20 मरीज
- लापरवाही व इलाज में देरी से कान के परदे में छेद की संभावना
संतकबीरनगर। जिला अस्पताल में कान में संक्रमण के रोगी बढ़ रहे हैं। लापरवाही और इलाज में देरी से कान के परदे में छेद या सुनने की हड्डी गल रही है। संक्रमण बढ़ने पर मुंह टेड़ा या सुनना बंद होने की समस्याएं आ रही हैं। ईएनटी विभाग में ऐसे 15 से 20 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के ईएनटी विभाग में रोजाना ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिन्हें कान बहने या मवाद आने की समस्या है। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. एमके सिंह ने बताया कि यह बीमारी कान से सुनने की क्षमता को कम कर देती है। इस बीमारी की वजह संक्रमण है। उपचार में लापरवाही से कान के परदे में छेद हो सकता है या सुनने वाली तीनों हड्डियां गलने लगती हैं। हड्डियों से जुड़ी नसें खराब होने से श्रवण शक्ति कम या पूरी तरह से खत्म हो जाती है।
उन्होंने बताया कि इस बीमारी के रोगी आ रहे हैं। हर माह हड्डी गलने की समस्या उत्पन्न हो रही है। इसके लिए ऑपरेशन ही विकल्प होता है। ऐसे मरीजों को मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया जाता है।
कान बहने की वजह
- सर्दी, फ्लू या कान में चोट लगना।
- मध्य या बाहरी कान में संक्रमण।
- कान के पर्दे को क्षति पहुंचना।
ये हैं लक्षण
- कान से मवाद आने के बाद बुखार आना।
- सुनने की क्षमता में कमी आना।
- चक्कर आना या कान का लाल व सूजन होना।