कबीर भजन प्रस्तुत करते डाक्टर हरिशरण शास्त्री
मगहर। महोत्सव के अंतिम दिन मुख्य मंच पर प्रसिद्ध कबीर भजन गायक डाॅ. हरिशरण शास्त्री व उनकी टीम ने कबीर भजन प्रस्तुत किया। श्रोताओं ने कबीर भजन का आनंद उठाया।
डाॅ. हरिशरण शास्त्री ने भजन की शुरुआत ...आवा चली सद्गुरु के द्वार..से की। इसके बाद उन्होंने ...सद्गुरु रीझकर कहा एक प्रसंग... सुनाकर भक्ति रस का रसपान कराया। उन्होंने ...सुखिया सब संसार है और भाई रे द्वि जगदीश कहां से आया कह कौन बौराया... सुनाकर मंत्रमुग्ध करदिया। ...गुरु दरियाव में नहाने हो उठा ये सुहागिन भोर घर अंगना... सुनाया तो माहौल भक्तिमय हो गया। इसके बाद उन्होंने ...बीत गयो रे दिन भजन बिना रे... व ...कहवां से आइल बाटा कहवां तू जइबा ये पिजड़ा के पंछी... सुनाकर माहौल बनाया। भजन गायक ननके साहेब बलरामपुर ने ...हमारे मड़इया के साहेब रखवार हो बहुत दिनन पर सद्गुरु मोरा आइल... सुनाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। गायक चंद्रकेश मिश्रा के भजन ...मैं प्रेम दीवानी मेरा दरद न जाने कोय... पर श्रोता झूमने लगे। ...दरोगा जी हो चार पियवा बाटे लापता... सुनाकर खूब वाहवाही लुटी।