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साहब : लेखपाल ने रुपये लेकर भी नहीं किया काम

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ेंहदावल तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में फरियादियो की समस्या सुनते डीएम।संवाद - फोटो : KHALILABAD
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साहब : लेखपाल ने रुपये लेकर भी नहीं किया काम
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- डीएम ने जांच कर कार्रवाई के दिए निर्देश
- बोले- संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत के बाद भी समस्या का नहीं हुआ समाधान
संवाद न्यूज एजेंसी
मेंहदावल। संपूर्ण समाधान दिवस में वरासत के नाम पर लेखपालों द्वारा रुपये लेने का मामला सामने आया है। कई फिरयादियों ने इसकी शिकायत डीएम से की तो वह अवाक रह गए। अब उन्होंने एसडीएम मेंहदावल को मामले की जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
धौरापार अव्वल गांव निवासी धर्मदास पुत्र छविलाल ने बताया कि उसकी भूमि तालवडांछ में हैं। खतौनी में उसका नाम धर्मदास की जगह धर्मराज हो गया है। जिसे ठीक कराने के लिए वह हल्का लेखपाल से मिले। 2,500 रुपये लेखपाल ने ले लिया, उसके बाद अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। चार बार संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थना पत्र देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका।
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गगनई बाबू गांव निवासी मंजू पत्नी परशुराम ने भी डीएम को इसी तरह की समस्या बताई। उन्होंने बताया कि ससुर वंशीलाल पुत्र जगरनाथ की मृत्यु हो चुकी है। पति परशुराम कानूनी वारिश हैं। वरासत दर्ज करने के लिए हल्का लेखपाल ने एक हजार रुपये ले लिया, लेकिन अब तक वरासत नहीं दर्ज किया है। तीन बार संपूर्ण समाधान दिवस और जिला मुख्यालय पहुंच कर तत्कालीन डीएम को प्रार्थना पत्र दी, उसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
वरासत के नाम पर लिया दो हजार, नहीं किया काम
गगनईबाबू निवासी सुरसती पत्नी झीनक ने भी डीएम को कुछ ऐसी ही पीड़ा सुनाई। उनका कहना है कि पति की मृत्यु हो चुकी हैं। इकलौता पुत्र कपिल है। उसके व पुत्र की वरासत के लिए हल्का लेखपाल ने करीब एक वर्ष पूर्व दो हजार रुपये ले लिया, लेकिन वरासत नहीं किया। तीन बार संपूर्ण समाधन दिवस में प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।
घर में नहीं रहने दे रहे पति की पहली पत्नी के बेटे
मेंहदावल तहसील के बेलहरकलां विकास खंड के बेलवा सेंगर निवासी कृष्णावती पत्नी राम बेलास संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम के समक्ष उपस्थित हुईं। उनकी समस्या है कि पति का स्वर्गवास हो गया है। उसके पति की पहली पत्नी के बेटे उसको घर में नहीं रहने दे रहे हैं। जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। न घर में हिस्सा दे रहे हैं और न रहने दे रहे हैं। जबकि पहली पत्नी के स्वर्गवास के बाद ही पति ने दूसरी शादी की थी।
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तीन फरियादियों ने लेखपाल पर वरासत के नाम पर रुपये लेने का आरोप मढ़ा है। एसडीएम मेंहदावल को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संपूर्ण समाधान दिवस में जो भी शिकायतें आए, उसका समय से गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो, इसके लिए सभी विभागों के विभागाध्यक्षों को हिदायत दी गई है।
- प्रेम रंजन सिंह, डीएम
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