रोसयाबाजार। पौली क्षेत्र के धौरहरा में आयोजित पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा में अवध धाम से पधारे मानस कोकिल शुभम दास ने रविवार को श्रीराम कथा में श्रीराम के वन जाने की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि अयोध्या के राजा दशरथ गुरु वशिष्ठ के परामर्श से प्रभु राम के तिलक की तैयारी में जुटे थे। वहां की जनता खुशी में पटाखे फोड़ कर दिए जला रही थी। संवाद
इधर मंथरा ने सबसे छोटी रानी कैकेयी के मन में विद्वेष की भावना पैदा कर दी। कैकेयी ने राजा दशरथ से वरदान के बदले राम को 14 वर्ष का वनवास और भरत को अयोध्या का राजा बनाने की मांग रख दी। राजा दशरथ को कैकेयी की इच्छा जानकर काफी दुख हुआ।