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Sant Kabir Nagar News: धूप की तपिश से लोग बेहाल, बिजली व्यवस्था में सुधार की गति सुस्त

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धूप में बचकर जाता ठेला चालक। 
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गर्मी बढ़ी तो मगहर में विद्युत उपकेंद्र निर्माण की आई सुध
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शहर से लेकर देहात तक बिजली किल्लत से जूझ रहे लोग, पटरी पर नहीं लौट पा रही बिजली व्यवस्था
संतकबीरनगर/मगहर। तेज धूप की तपिश से लोग बेहाल हैं। भीषण गर्मी और उमस से लोग घरों में रहने को मजबूर हो गए हैं। तापमान अब भी 41 डिग्री सेल्सियस है। इस बीच बिजली किल्लत से भी लोग बिलबिलाए हुए हैं। लोगों को बिजली व्यवस्था में सुधार की पहले से राहत की उम्मीद थी, लेकिन यह उम्मीद भी टूटने लगी है।
मगहर में तो विद्युत उपकेंद्र निर्माण की सुध बिजली निगम तब ली जब गर्मी बढ़ गई। आने वाले दिनों में मानसून भी सक्रिय हो जाएगा, ऐसे में निर्माण कार्य में बाधा खड़ी हो सकती है। मगहरवासियों को निर्बाध बिजली मिलने का इंतजार बढ़ सकता है।
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वर्तमान में भीषण गर्मी के बीच बिजली का संकट खड़ा हो गया है। शहर में जहां ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है, जिसके कारण बार-बार बिजली के आने-जाने का सिलसिला बना हुआ है। इससे लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
दूसरी तरफ विद्युत निगम के अफसरों की मानें तो प्रतिदिन आठ से 15 ट्रांसफाॅर्मर ओवरलोड होने के चलते फुंक रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ता प्रभावित हो रहे हैं। शहर में ट्रांसफाॅर्मर जलने या खराबी आने पर मोबाइल ट्रांसफाॅर्मर लगाकर आपूर्ति बहाल की जा रही है। इसके लिए बिजली निगम के पास सात मोबाइल ट्रांसफाॅर्मर हैं, लेकिन देहात क्षेत्र में ट्रांसफाॅर्मर बदलने में 24 से 48 घंटे लग जा रहे हैं, जिससे पंखा, कूलर बेकार हो जा रहे हैं। साथ ही रात्रिकालीन बिजली कटौती से नींद भी पूरी नहीं हो पा रही है।
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जमीन के पेच में फंसा रहा विद्युत उपकेंद्र का निर्माण
मगहर। शासन ने खलीलाबाद और मगहर में विद्युत उप केंद्र के निर्माण की मंजूरी प्रदान की है। इसमें खलीलाबाद के मैलानी में जहां विद्युत उपकेंद्र बनकर तैयार हो गया है, वहीं मगहर में गर्मी बढ़ने के बाद विद्युत निगम ने सुध ली है। कारण यह है कि यहां पर जमीन का पेच फंसा रहा। नगर पंचायत प्रशासन के द्वारा बिजलीघर के लिए जमीन उपलब्ध कराने के बाद एक अप्रैल से निर्माण शुरू करा दिया गया है, लेकिन समस्या यह है कि आने वाले दिनों में मानसून सक्रिय हो जाएगा, जिससे निर्माण में बाधा खड़ी हो सकती है। वैसे इस उपकेंद्र के निर्माण पूर्ण होने पर विद्युत उपभोक्ताओं को निर्बाध रूप से बिजली मिल सकेगी।दूसरी तरफ से बिजलीघर निर्माण में ही दो साल का समय लगने का अनुमान है।

नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि नूरुज्जमा अंसारी की उपस्थिति में अगस्त 2023 में सभासद अवधेश सिंह, ईओ वैभव सिंह व नगर के संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में हल्का लेखपाल ने बिजलीघर के लिए भूमि की पैमाइश की थी, जिसका क्षेत्रफल राजस्व अभिलेख के अनुसार लगभग आठ बिस्वा बताया गया है, परंतु उक्त जमीन राजस्व अभिलेख में विद्यालय के खेल मैदान के रूप में दर्ज होने के कारण उक्त भूमि को अधिग्रहित कर विद्युत निगम को सौंपने में बाधा आ रही थी।
तत्कालीन डीएम से पत्राचार के माध्यम से उक्त भूमि में आ रही बाधा को दूर करने का अनुरोध किया गया था, जिस पर एनओसी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो गया है। चेयरमैन प्रतिनिधि नूरुज्जमा अंसारी ने बताया कि दो बार जमीन नापी पर बात फाइनल होने के बाद भी काम अटका रहा। शिक्षा विभाग से एनओसी में भी दिक्कतें आईं। अपने नगर में बिजलीघर का काम शुरू हो चुका है, जो आने वाले समय में बिजली की समस्या को खत्म करेगा।

विद्युत उपकेंद्र के लिए भवन का निर्माण कराया जा रहा है, जो दिसंबर के अंतिम सप्ताह में पूरा हो जाएगा। इसके बाद तार व इलेक्ट्रिक सामानों का कार्य अगले वर्ष फरवरी 2027 तक पूर्ण कर लिया जाएगा।
-रवि यादव, अवर अभियंता
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बिजली कटौती से तंग उपभोक्ता करेंगे आंदोलन

धनघटा। तहसील क्षेत्र में घोषित बिजली कटौती आम बात हो गई है, लेकिन हैंसर बाजार के बड़गो फीडर से विद्युत आपूर्ति न के बराबर हो रही है, जिससे इस भीषण गर्मी में 50 से अधिक गांव के लोग परेशान हैं। अब लोग मजबूर होकर आंदोलन का मन बना रहे हैं।
बड़गो, बसवारी गांव, खाजो, भरतपुर, भैसही, तामा , मुंडेरा शुक्ला, गायघाट पूर्वी समेत 50 से अधिक गांव में बड़गो फीडर से विद्युत आपूर्ति की जाती है। गोरखपुर के बॉर्डर पर बसने वाले इन गांव में बिजली आपूर्ति का आलम यह है कि अगर तेज हवा चली तो बिजली आपूर्ति ठप हो जाती है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि लंबी दूरी होने के कारण कभी तार टूटना तो कभी विद्युत पोल गिरना आम बात हो गई है। गर्मी जब से शुरू हुई तभी से रात-रात भर बिजली आती ही नहीं है, जिससे परेशान होकर लोग रतजगा कर रहे हैं। बिजली उपभोक्ता रविंद्र राय, सुनील राय, अशोक कुमार राय, जगदीश प्रसाद, रणविजय सिंह, दुर्गा प्रसाद आदि का कहना है कि नियमानुसार पूरी बिजली के लिए विद्युत निगम के अधिकारियों से कई बार कहा गया, लेकिन वह ध्यान नहीं दे रहे हैं। इतना ही नहीं बिजली की आपूर्ति को ठीक करना संविदा विद्युत कर्मियों के सहारे छोड़ दिया गया है।
उपभोक्ताओं ने कहा कि बिजली आपूर्ति नियमित नहीं हो पाई तो वृहद आंदोलन किया जाएगा।
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मेंहदावल में विद्युत कटौती से लोग परेशान

मेंहदावल। उमस भरी गर्मी बढ़ रही है और विद्युत कटौती का सिलसिला जारी है। सुबह से लेकर देर रात तक लोगों को इस उमस भरी गर्मी में भी बिजली संकट झेलनी पड़ रही है। रात की कटौती लोगों को रतजगा के लिए मजबूर कर रही है।

मेंहदावल क्षेत्र में बृहस्पतिवार से ही विद्युत कटौती बढ़ गई है। उपभोक्ता दीपक कसेरा, मनोज अग्रहरि, चंदन गुप्ता, अंगद गुप्ता, अजय कुमार, श्रवण गुप्ता, सत्या सिंह आदि लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी में लगातार विद्युत कटौती से परेशानी बढ़ गई है। अघोषित विद्युत कटौती से लोग रतजगा कर रहे हैं। लगातार हो रही विद्युत कटौती को लेकर क्षेत्र के लोग नाराजगी जता रहे हैं।
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मेंहदावल क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बेपटरी हो चुकी है। विद्युत निगम के जिम्मेदार अधिकारी इसे पटरी पर नहीं ला पा रहे हैं। हालांकि अब शासन ने बिजली आपूर्ति में सुधार के लिए कड़े निर्देश दिए हैं।
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