- 27 वीडीओ, 33 सेक्रेटरी और एक सहायक विकास अधिकारी की वेतन वृद्धि रोकने के निर्देश
- ईओ खलीलाबाद, बेलहर कला, धर्मसिंहवा के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिले में 74 बुजुर्गों को मृत बताकर उनकी वृद्धावस्था पेंशन बंद कर देने का मामला सामने आया है। डीएम आलोक कुमार ने विकास विभाग के 61 जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इनमें 27 वीडीओ, 33 सेक्रेटरी और एक सहायक विकास अधिकारी शामिल हैं। इन सभी की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी जाएगी। डीएम ने अधिशासी अधिकारी खलीलाबाद, बेलहर कला, धर्मसिंहवा के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए एडीएम को निर्देश दिए हैं।
वर्ष 2022 से अब तक वृद्धावस्था पेंशन में काफी खामियां मिली थीं। 74 बुजुर्गों को मृत दिखाकर उनकी पेंशन बंद कर दी गई थी। पेंशनधारकों ने इसकी आवाज उठाई। डीएम के पास कई शिकायतें पहुंची तो डीएम ने इसकी जांच सीडीओ को सौंपी। सीडीओ के जरिए हुई जांच रिपोर्ट और जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार के जरिए उपलब्ध कराई गई सूची में सभी मृतक जिंदा पाए गए। जांच में ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी, अधिशासी अधिकारी की लापरवाही पाई गई।
इसमें खलीलाबाद क्षेत्र में 27, बेलहर कला में 15, सांथा में आठ, नाथनगर में पांच पौली में पांच, मेंहदावल में चार और सेमरियावां में चार लोग पेंशन से वंचित हो गए थे। इसके साथ ही बेलहर कला नगर पंचायत में चार, धर्मसिंहवा नगर पंचायत में दो लोगों को सत्यापन में मृत दिखा दिया गया था। जिला समाज कल्याण अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार जनपद के विभिन्न विकास खंडो के 27 ग्राम विकास अधिकारी, 33 ग्राम पंचायत अधिकारी व एक सहायक विकास अधिकारी इसमे दोषी मिले हैं।
इसके साथ ही अधिशासी अधिकारी नगर पालिका खलीलाबाद, अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत बेलहरकला व अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत धर्मसिंहवा की लापरवाही सामने आई है। डीएम ने जांच रिपोर्ट पर 27 ग्राम विकास अधिकारी का दो वर्ष, 33 ग्राम पंचायत अधिकारी का एक वर्ष व एक सहायक विकास अधिकारी की एक वेतन वृद्धि रोकने का निर्देश डीपीआरओ और डीडीओ को दिया है। इसके साथ ही तीनों नगरीय निकाय के ईओ और लिपिक पर कार्रवाई का निर्देश एडीएम को दिया है। डीएम की इस कार्रवाई से अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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वृद्धावस्था पेंशन के सत्यापन में लापरवाही की वजह से 74 वृद्धजनों की पेंशन रुक गई थी। जिंदा रहते हुए उन्हें मृत दिखा दिया था। संबंधित दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। - आलोक कुमार, डीएम