संतकबीरनगर। सेवानिवृत्त कर्मचारी-पेंशनर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के बैनर तले मंगलवार को सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। आठवें वेतन आयोग के दायरे में एक जनवरी से पहले के पेंशनरों को शामिल करने समेत 12 सूत्रीय मांगों को लेकर आमसभा की गई। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा गया।
एसोसिएशन ने वित्त विधेयक 2025 में पेंशनरों के बीच तिथि के आधार पर किए गए विभेद को समाप्त कर पुराने पेंशनरों को आठवें वेतन आयोग में शामिल करने की मांग की। वेतन आयोग की प्रक्रिया में देरी को देखते हुए कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनरों को अंतरिम राहत देने की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शनकारियों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, पेंशन के राशिकरण की कटौती 10 वर्ष में समाप्त करने और 65 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद प्रत्येक पांच वर्ष पर पेंशन में पांच प्रतिशत वृद्धि की मांग की। पेंशन को आयकर से मुक्त करने तथा कोरोना काल के 18 माह के लंबित डीए-डीआर एरियर का भुगतान कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
इसके अलावा कर्मचारियों, पेंशनरों और शिक्षकों के लिए अलग उपभोक्ता मूल्य सूचकांक लागू करने, महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत से अधिक होने पर उसे मूल वेतन और पेंशन में मर्ज करने की मांग की गई। वरिष्ठ नागरिकों को रेल किराये में 50 प्रतिशत छूट, आयुष्मान भारत के तहत कैशलेस उपचार की सीमा 10 लाख रुपये करने और वरिष्ठ नागरिक आयोग के गठन की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शन में अध्यक्ष सुभाष चंद्र यादव, मंत्री दयाराम त्रिपाठी, मोहम्मद इलियास, लक्ष्मी शंकर सिंह, विष्णु प्रकाश श्रीवास्तव, घनश्याम पांडेय, उमाशंकर त्रिपाठी, शेष दत्त त्रिपाठी, रमेशचंद्र प्रजापति समेत अन्य मौजूद रहे।