पीस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को शहर में जुलूस निकाल कर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।
कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में शराब पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने की मांग की। राज्यपाल के नाम संबोधित अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीएम सदर को दिया।
जिलाध्यक्ष राधेश्याम पटेल ने कहा कि शराब पीना एक सामाजिक बुराई भी है, और अपराध भी। देश का संविधान देश के नागरिकों के उत्थान एवं विकास के साथ-साथ सामाजिक बुराइयों को जड़ से समाप्त करने पर बल देता है।
प्रदेश में शराब पीने वालों की संख्या अधिक होने के कारण यह महामारी का रूप लेती जा रही है। प्रदेश के निवासियों में मध्य वर्गीय और निम्न वर्ग के आय वालों तथा मजदूरी पेशा से जुड़े लोगों की संख्या प्रदेश की कुल आबादी का 80 प्रतिशत है। इनमें शराब की लत पड़ जाने के कारण वह शराब खोरी में डूबा रहता है। शराब में अपनी कमाई का संपूर्ण हिस्सा लगा देता है।
परिणाम स्वरूप वह स्वयं अस्वस्थ तथा परिवार के बच्चे कुपोषण का शिकार हो जाते हैं। परिवार की महिलाओं के पास चूल्हा जलाने के लिए कुछ नहीं रहता है। आज देश और कई प्रदेश ने इस बुराई को जड़ से समाप्त करने के लिए पूर्ण रूप से शराबबंदी लागू कर दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 80 प्रतिशत आबादी को स्वस्थ रखने तथा कुपोषण मुक्त करने के लिए जनहित में शराब बनाने, बेचने और पीने पिलाने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाया जाए।
इस अवसर पर अब्दुल करीम, विरेंद्र चौधरी, मुहम्मर रफीक सहजाद चौधरी, मंजूद अहमद, महेंद्र गुप्त, रामशंकर, राज किशोर गुप्त, नीरज गौड़, विनोद कुमार, जाहिद अली, मुहम्मद शफीक, फुजैल रहमानी, सतीश कुमार साहनी, मेंहदी हसन समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।