संतकबीरनगर। स्पर्श पोर्टल से भुगतान की व्यवस्था होने के बाद एनएचएम कर्मियों का वेतन और पारिश्रमिक फंस गया है। उन्हें आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि जिले से भेजे गए वेतन बिल के बारे में भी पता नहीं चल पा रहा है। तीन महीने से आधा अधूरा भुगतान से स्वास्थ्य कर्मियों की परेशानी बढ़ गई है।
अगस्त से स्वास्थ्य विभाग में एनएचएम कर्मियों को वेतन व पारिश्रमिक देने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई थी। शासन ने भुगतान में पारदर्शिता लाने और सुधार के लिए स्पर्श पोर्टल लांच किया है। इसके तहत ब्लॉक व जिले से बिल बनने के बाद इसे लखनऊ भेजा जा रहा है। वहां से अनुमोदन के बाद ट्रेजरी के जरिए भुगतान की व्यवस्था है।
यह व्यवस्था लागू हुए तीन माह बीत गए हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़े कर्मियों के भुगतान की व्यवस्था बिगड़ गई है। इनमें आशा, आशा संगिनी, सीएचओ, संविदा एएनएम और अन्य संविदा कर्मी शामिल हैं। अगस्त से किसी ब्लॉक के स्वास्थ्य कर्मियों को आधा अधूरा भुगतान हो पाया है तो किसी ब्लॉक में वह भी नहीं।
खलीलाबाद ब्लॉक की आशा संगिनी का सितंबर का भुगतान अब तक नहीं हो सका है। संविदा के कई चिकित्सकों को भी वेतन नहीं मिल पाया है।
इसके कारण स्वास्थ्य कर्मियों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य कर्मियों को बच्चों की फीस जमा करने और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। स्वास्थ्य कर्मी ललित देवी, सरोज यादव, कौशिल्या आदि ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद उम्मीद थी कि भुगतान में सुधार होगा, लेकिन अब समस्या झेलनी पड़ रही है। इन लोगो ने जल्द से जल्द भुगतान कराए जाने की मांग की है।