संतकबीरनगर। जिला अस्पताल के मरीजों की बदौलत निजी अस्पताल मालामाल हो रहे हैं। दलाल जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को झांसा देकर निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी में ले जाते हैं, यहां मरीजों को उपचार और जांच के नाम पर लूटा जाता है।
यहीं नहीं मेडिकल स्टोर पर भी दलाल डेरा डाले रहते हैं। जिला अस्पताल में सबसे ज्यादा महिला दलाल सक्रिय हैं। छह माह पूर्व एक महिला दलाल मरीज को बाहर ले जाते हुए पकड़ी गई थी। अस्पताल प्रशासन ने तहरीर न देने के कारण केस दर्ज नहीं हुआ था।
बता दें कि जिला अस्पताल के 300 मीटर के दायरे 10 निजी अस्पताल के साथ ही करीब आठ पैथालॉजी संचालित होते हैं। अगर सरकारी अस्पताल की व्यवस्था सही होती तो मरीजों को इसका लाभ मिलता। जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए एक ही रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती है। जिसकी वजह से वह कुछ देर एमसीएच विंग में तो कुछ देर जिला अस्पताल में मरीजों का अल्ट्रासाउंड करते हैं। इसकी वजह प्रसूता महिलाओं को परेशान होना पड़ता है।
अगर प्रसूता अल्ट्रासाउंड नहीं हुआ तो महिला दलाल सक्रिय हो जाती हैं और वह परिजनों को झांसे में लेकर निजी पैथालॉजी ले जाती हैं। जहां उनका कमीशन तय रहता है।
इसी तरह अगर किसी प्रसूता का ऑपरेशन जिला अस्पताल में किसी कारण से नहीं होता है तो महिला दलाल अपने प्रसूता के परिजनों को झांसे लेकर निजी अस्पताल पहुंचाती हैं। हालांकि इसमें ज्यादातर निजी वाहनों का ही इस्तेमाल किया जाता है।