धर्मसिंहवा। पार्टी से टिकट न मिलने से बागी होकर निर्दल चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी, कुछ दलीय प्रत्याशियों का खेल बना और बिगाड़ भी सकते हैं। यह कितना वोट काट पाएंगे, इस पर निर्भर होगा।
नगर पंचायत धर्मसिंहवा से भाजपा, सपा, बसपा ने अपने प्रत्याशी जब मैदान में उतारे तो जिसे टिकट नहीं मिला, उसने बागी होकर चुनावी मैदान में निर्दल रूप से अपनी प्रत्याशिता का दावा पेश कर दिया। टिकट की घोषणा होने से पूर्व पार्टी के कर्तव्यनिष्ठ कार्यकर्ता हुआ करते थे। बाद में टिकट न मिलने पर अपने आप को सबसे बड़ा समाजसेवी बताने में कोई कोर-कसर कम नहीं होने दे रहे हैं।
गौरतलब है कि इस नगर पंचायत में सभी पार्टियों से बागी होकर के कुछ लोग निर्दल चुनाव लड़ रहे हैं। यह बात और है कि किसी पार्टी के विरोध से उपजे ज्यादा प्रत्याशी हैं तो किसी से कम। चर्चा यहां ज्यादा है कि तीन पार्टियां यहां पर चुनावी लड़ाई में मजबूती से चुनावी मैदान में रहेंगी। अब इन पार्टियों से बागी होकर के चुनाव लड़ रहे लोग किस पार्टी का नुकसान कर पाएंगे और उनके चुनाव लड़ने से किसको फायदा होगा, यह समय ही बताएगा।
हालांकि, आम जनमानस में चर्चा है कि नगर पंचायत का चुनाव व्यक्तिगत व्यवहार का भी कुछ असर होता है। फिर हाल अब तक दलीय प्रत्याशियों की ही जोर आजमाइश और लोगों का रुझान पार्टियों के प्रत्याशियों की तरफ से ही देखने को मिल रहा है। अब देखना है कि निर्दल प्रत्याशी किसका खेल बना रहे हैं और किसका बिगाड़ रहे हैं।