संतकबीरनगर। आर्यवीर दल के चरित्र निर्माण शिविर के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जेपी आर्य ने कहा कि आर्यवीर दल का जन्म ही देश से अज्ञान, अभाव और अन्याय समाप्त करके सर्वश्रेष्ठ देश बनाने के लिए हुआ है। युवाओं की भागीदारी से देश में एक उत्तम परिवर्तन ला सकते हैं।
ज्ञान सरोवर विद्या मंदिर मोहद्दीनपुर खलीलाबाद में आयोजित चरित्र निर्माण शिविर में विशिष्ट अतिथि प्रमोद कुमार आर्षेय ने कहा कि शिक्षा जब संस्कारी होती है तो उसका मूल्य बढ़ जाता है। आर्यवीर दल के संरक्षक ओम प्रकाश आर्य ने कहा कि जिले के हर घर के बच्चे तक आर्य वीर दल पहुंचेगा और उन्हें अपनी वैदिक संस्कृति के मान सम्मान के लिए प्रेरित करेगा। प्रबंधक अशोक मौर्य ने कहा कि शिक्षा का प्रारंभ चरित्र निर्माण से ही होता है। आचार्य शैलेन्द्र ने कहा कि आज के चरित्रवान बच्चे ही कल के सुयोग्य नागरिक बन सकते हैं।
इस अवसर पर सार्वदेशिक आर्य वीर दल के प्रशिक्षक राहुल आर्य, सत्यप्रिय आर्य और राम तनय आर्य के नेतृत्व में बच्चों ने सूर्य नमस्कार, भूमि नमस्कार, जूडो कराटे, लाठी, स्तूप, डंबल का प्रदर्शन किया। इस दौरान सत्यम सर्वश्रेष्ठ आर्यवीर, अनुशासन में अमर पुरस्कृत हुए। इस अवसर पर मनोज आर्य, राम शंकर मुनि संतोष आर्य, हीरालाल आर्य, विनय आर्य प्रशिक्षक राष्ट्रीय आर्य वीर दल, अमरचन्द्र आर्य, गंगा प्रसाद चौधरी और अशोक कुमार आर्य आदि मौजूद रहे।