- डायट में जनपद स्तरीय कला संस्कृति एवं नवाचार महोत्सव का आयोजन हुआ
- शिक्षकों के जरिए लगाई गई विभिन्न प्रकार की प्रदर्शनी
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में शुक्रवार को जनपद स्तरीय कला संस्कृति एवं नवाचार महोत्सव का आयोजन हुआ। इस दौरान शिक्षकों के जरिए विभिन्न प्रकार की प्रदर्शनी लगाई गई। जिसका आवलोकन अतिथियों ने किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि एचआरपीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर ब्रजेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अभिभावक बच्चों को प्राचीन संस्कृति के साथ-साथ, प्राचीन वैज्ञानिक उपलब्धियों के बारे में जानकारी दें। इससे उन्हें सही राह चुनने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास साहित्य, भाषा, कला, संगीत, नृत्य, संस्कृति, स्थापत्यकला, वास्तुकला, मूर्तिकला, चित्रकला के मामले में अत्यंत गौरवशाली रहा है। डॉयट प्राचार्य धीरेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय संस्कृति व भारतीय विचारों को जीवंत करने व इसे और अधिक प्रभावी बनाने में यह महोत्सव सार्थक भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चे को बेहतर शिक्षा देना शिक्षकों का दायित्व है। इसके साथ ही हमारे समाज में बेटियों का अहम योगदान है। कन्या भ्रूण हत्या करना अपराध है। बेटियों को बचाओ और बेटियों को पढ़ाओ। बेटियां हर क्षेत्र में आगे आ रही है। इसके साथ साथ महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण आदि से बचाव के लिए लोगों को जागरूक करने पर बल दिया गया। महोत्सव में विभिन्न प्रकार के स्टाल लगाए गए थे। जिसमे कन्या भ्रूण हत्या, पर्यावरण से बचाव, पानी बचाव, बेटी पढाओ समेत अन्य प्रकार के स्लोगन लिखे स्टाल लगे थे। इस महोत्सव में प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों के कुल 100 से अधिक शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। समस्त प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र व मेडल देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डायट प्रवक्ता तृप्ति श्रीवास्तव का विशेष योगदान रहा। इस दौरान जिला समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रवीश, जिला मत्सय अधिकारी विजय मिश्र, बीएसए अमित सिंह, बीईओ जनार्दन यादव, डीसी नवीन दुबे आदि मौजूद रहे।