संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। जन साहित्यिक मंच के तत्वावधान में रविवार को गोलाबाजार में कवि गोष्ठी आयोजित हुई। इसमें मुख्य अतिथि हशमत अजीजी ने अपनी रचना सौ बार सही न सही एक बार किया जाए, इस शहर में हम भी हैं हमें प्यार किया जाए, सुनाकर कवि गोष्ठी की शुरुआत की।
कवि विनय कुमार अजीज ने आप हैं माता-पिता बच्चों में घुल-मिल जाइए, जिंदगी क्या चीज है बच्चों को ये बतलाइए, सुनाया, जिसे खूब सराहा गया। सीएल वर्मा रहबर मेंहदावली ने चले गए हैं यह कहकर कबीर लोगों से, के रब्त रखना नहीं बेजमीर लोगों से, सुनाकर बेजमीर लोगों से दूर रहने की सलाह दी।
ज्योति सिंह एहसास ने तपन हो, गलन हो या वर्षा का आलम, सभी को सभी से शिकायत बहुत है, सुनाकर अपने दिन की व्यथा को बताया। सुरेश यादव जिज्ञासु ने दुनिया में सबसे ऊंचा पहचान तिरंगा है, हर हिंदुस्तानी का गुमान तिरंगा है, सुनाकर तिरंगे की महत्ता को बताया। मोहम्मद अली ने मुझको एहसास कई बार ऐसा होता है, आदमी कुछ भी नहीं यार पैसा होता है, सुनाकर पैसे के महत्व को बताया। राजेश मृदुल ने इश्क जब हद को पार करता है, बंदिशें दरकिनार करता है, सुनाया।
महजर खलीलाबादी ने तेरे फरेबे नजर की तबाहियां, तौबा तुझे समझ ले तो फिर आदमी संभल जाए, सुनाकर वाहवाही लूटी। अवधेश पांडेय ने सबकी आंखें नभ में तुम्हें निहारें से बादल, पशु- पक्षी आदमी उमस से हारे रे बादल, सुनाकर बादल से बरसने की आरजू की।