संतकबीरनगर। इन दिनों बाजार में मिलावटी खाद्य पदार्थ और बिना एक्सपायरी डेट लिखे सामान धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। यह सेहत के लिए खतरनाक है। लोग बिना सोचे समझे एक्सपायरी डेट के सामान खरीद रहे हैं। इससे फूड प्वाइजनिंग की समस्या बढ़ रही है।
हालांकि समय-समय पर खाद्य विभाग की ओर से जांच अभियान चलाकर नमूने लिया जाते हैं, फिर भी सामानों को खरीदते समय सतर्कता बरतने की जरूरत है। बता दें कि जिले में अन्य जनपदों से पनीर लाए जा रहे हैं। यह पनीर मिल्क पाउडर से तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही एक्सपायरी डेट के सामानों की भरमार है। जांच में बिना एक्सपायरी डेट के रस्क और चाॅकलेट मिले थे। इन सभी के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
इसके पहले भी टीम ने एक्सपायरी डेट का करीब 30 क्विंटल पापड़ बरामद किया था। एक्सपायर सामान को मौके पर नष्ट करा दिया। वहीं एक मार्ट से एक्सपायरी डेट का बिस्किट और नमकीन भी बरामद हो चुका है।
पनीर के तीन सैंपल मिले थे अधोमानक : पनीर हर घर की पसंद है, ऐसे में डिमांड के आधार पर आपूर्ति करने और चार गुना मुनाफा कमाने के लालच में मिलावट का कारोबार जोर पकड़ने लगा है। एक किलोग्राम शुद्ध पनीर में 175 ग्राम फैट होता है। अगर दूध में मिलावट है तो भी 150 ग्राम फैट होना जरूरी है। लेकिन यहां पनीर की जांच में फैट ही गायब मिला है।
यह पनीर मिल्क पाउडर और पाम ऑयल से तैयार किया गया था। मार्च और अप्रैल माह में सहालग का समय चल रहा था। खाद्य टीम ने पांच नमूने पनीर और दूध के लिए थे। इसमें से पनीर के तीन नमूने फेल मिले पनीर में फैट नहीं मिला, यह पाउडर दूध और पाम ऑयल से बना था। इन सभी दुकानदारों पर सीजेएम न्यायालय में वाद दायर करने की तैयारी है।